हरियाणा के फरीदाबाद जिले से चोरी की जाने वाली लग्जरी कारों को चुराने वाले चोरों के तार सुहागनगरी से जुड़े है। इसका खुलासा हरियाणा पुलिस ने मंगलवार को कर दिया। दो आरोपियों को लेकर फीरोजाबाद पहुंची पुलिस ने नौ कार बरामद की। अन्य कारों की तलाश जारी है। जबकि एक कार को उत्तर पुलिस ने दो माह पूर्व कागज न होने पर सीज किया था।
फरीदाबाद जिले से लग्जरी कारों को चोरी करने वाले गिरोह के दो सदस्य सेक्टर-56 पुलिस ने दबोच लिए थे। उनके नाम राजू पुत्र भूमिराज सिंह निवासी मल्हापुर थाना सकरौली जिला एटा व अशोक कुमार पुत्र रविंद्र सिंह निवासी सैफई थाना सैफई जनपद इटावा बताया। पूछताछ के दौरान पकड़े गए वाहन चोर गिरोह के सदस्यों ने बताया कि उन्होंने चोरी की जाने वाली लग्जरी कारों को फीरोजाबाद, मैनपुरी और अलीगढ़ में बेचा है। फरीदाबाद सेक्टर-56 थाने की पुलिस क्राइम ब्रांच टीम के साथ दोनों आरोपियों को रविवार देर शाम फीरोजाबाद लेकर पहुंची। स्थानीय उत्तर पुलिस से संपर्क साधने के साथ ही पुलिस ने आरोपियों द्वारा बताए गए स्थानों पर दबिश देकर नौ कारों को बरामद किया। इसमें से एक कार उत्तर पुलिस द्वारा करीब दो माह पूर्व चेकिंग के दौरान कागज न होने के कारण सीज कर दी थी। कारों को बरामद करने फीरोजाबाद पहुंचे क्राइम ब्रांच प्रभारी आनंद कुमार ने बताया कि आरोपियों की निशानदेही पर अन्य कारों को बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है। अभी तक की कार्रवाई के दौरान नौ कारों को बरामद किया जा चुका है। बरामद की गई कारों को फरीदाबाद भेज दिया गया है।
परिवहन विभाग से भी जुड़े है तार
कारों को बरामद करने फीरोजाबाद पहुंची पुलिस की माने तो इसके पीछे लंबा नेटवर्क है। जिन कारों को बरामद किया गया था, उनमें से तीन कारों को बदमाशों द्वारा स्थानीय परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन व कागज बनवाने के बाद बेचा। ऐसे लोगों की भी तलाश की जा रही है, जिनके माध्यम से इन कारों के फर्जी कागज तैयार कराए थे।
जिले में बिक रही है हरियाणा की कारें
सुहागनगरी की सड़कों पर दौड़ रही लग्जरी कार चोरी की हैं या फिर एक नंबर की। इसकी हकीकत जानने के लिए कभी भी खाकी ने पहल नहीं की। इसलिए चोरों ने हरियाणा से चोरी की जाने वाली कारों की ठिकाने लगाने के लिए फीरोजाबाद जिले को चुना था। वाहन चेकिंग के नाम पर भले ही बाइक के कागज पुलिस चेक करती हो, लेकिन कारों को कागज चेक करने के लिए खाकी ने कभी सुध नहीं ली। यदि खाकी कारों की चेकिंग करती तो इसका खुलासा काफी समय पूर्व हो जाता।