टूंडला। शहर के ईसाई समुदाय ने गुड फ्राइडे के अवसर पर प्रार्थना सभाएं आयोजित कर प्रभु यीशु को याद किया। इस मौके पर जुलूस भी निकाला गया तथा 14 स्थानों पर मौन प्रार्थना सभाएं भी की गईं। अंत में जुलूस होली फैमली चर्च पर पहुंचकर समाप्त हुआ।
होली फैमली चर्च के पल्ली पुरोहित फादर चार्ल्स टोपो ने कहा कि अगर हम प्रभु यीशु के दिखाए मार्ग का अनुशरण करें तो हमें निश्चित रूप से सुख, शांति और वैभव की प्राप्ति होगी। उन्होंने बताया कि प्रभु यीशु ने स्वयं कष्ट सहकर आम नागरिकों को मुक्ति दिलाने का कार्य किया। यही नहीं जनता के सुख के लिए वह स्वयं सलीब पर चढ़ गए। उन्होंने कहा कि हम सभी को प्रेम से रहना चाहिए ताकि संकट के समय सभी एक दूसरे के काम आ सकें।
वहीं, फादर पीटर पारखे ने कहा कि आज कुछ स्वार्थी तत्वों ने समाज में जातिवाद का जहर घोल दिया है, परंतु हम शांति के दूत हैं और हमें संयम से कार्य करते हुए आपसी भाईचारा बढ़ाना चाहिए।
इस मौके पर होली फैमली चर्च पर प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। इसके उपरांत जुलूस निकाला गया। जुलूस में टूंडला व एत्मादपुर से आए ब्रदर्स व होली फैमली ईसाई समुदाय के सैकड़ों लोग हाथों में क्रास पकड़े चल रहे थे। यह जुलूस चर्च से प्रारंभ होकर चर्च परिसर में ही विशेष प्रार्थना सभा के पश्चात समाप्त हुआ।
इस अवसर पर चार्ल्स जोजफ, रॉबिन सेमुअल, वंडरवर्ड, जोजफ परसी, करन बुडवर्ड, एंथनी डेविड, ओल्जा सेमुअल, जेसमिन वंडवर्ड, सिस्टर माइक्लिन, मामिन गहलौत आदि ईसाई समाज के लोग उपस्थित रहे।
वहीं मेथोडिस्ट चर्च में दोपहर 12 से सायं तीन बजे तक प्रार्थना सभाएं हुईं। इस मौके पर प्रभु यीशु मसीह के बलिदान को दुख व उपवास के साथ याद किया गया। यीशु द्वारा सलीब पर कहे गये सात वचनों पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। इस अवसर पर रितु चार्ल्स, संजीव चार्ल्स तिवारी आदि थे।