यूपी बोर्ड हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं का मूल्यांकन गुरुवार से शुरू हो गया। पहले दिन निरीक्षकों को निर्देशित किया गया। मूल्यांकन कार्य में शासन की ओर से की गई सख्ती एवं नियमों में बदलाव की जानकारी डीआईओएस ने दी। गुरु वार को मूल्यांकन केंद्रों पर ट्रकों से बाहरी जनपदों की कापियां आईं। शुक्रवार से मूल्यांकन कार्य गति पकडे़गा।
मूल्यांकन केंद्र डीएवी इंटर कालेज में कक्ष निरीक्षकों की कार्यशाला आयोजित की गई। डीआईओएस रविंद्र सिंह ने कक्ष निरीक्षकों से कहा कि शिक्षकों को शपथ देना होगा कि वह किस विषय के हैं? उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय मूल्यांकन कार्य होगा। 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले परीक्षार्थियों की कापियां पुन: चेक होंगी। बोर्ड प्रत्येक केंद्र से अचानक कापियां मंगाएगा और इलाहाबाद में क्रास चेकिंग कराएगा। गलती मिलने पर शिक्षक को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। निर्देशित किया है कि कोई भी शिक्षक एक दिन में पचास कापियाें से अधिक नहीं जांचेगा। दो पालियों में 25-25 कापियां दी जाएंगी। अयोग्य शिक्षक कांपी जांचते मिले तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया जाए। पर्यवेक्षक रामपाल यादव ने कहा कि सुबह 10.30 बजे तक शिक्षक गेट पर आ जाएं। इसके बाद ताला लगा दिया जाएगा। मूल्यांकन कार्य से पहले किसी शिक्षक को बिना अनुमति के नहीं भेजा जाएगा। शिक्षकों ने मूल्याकंन स्थल पर जेनरेटर एवं पंखों की व्यवस्था कराने की मांग की। डीएवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य उपेंद्र नाथ शर्मा ने भी निर्देशित किया। डीआईओएस ने अन्य मूल्यांकन केंद्र पर जाकर शिक्षकों को निर्देशित कर समस्याएं सुनीं।
विषय में आई गलतियां
ड्यूटी प्रपत्रों में अनेकों गलतियां बोर्ड ने भेजी हैं। शिक्षकों ने डीआईओएस को अपनी समस्या बताई। उन्होंने प्रधानाचार्य को ड्यूटी प्रपत्रों से ड्यूटी काटने के लिए निर्देशित किया।