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UP: 2.20 करोड़ के जीएसटी घोटाले का भंडाफोड़...फर्जी फर्म बनाकर किया खेल, तीन आरोपी गिरफ्तार; सीए की तलाश

Mon, 12 Jan 2026 11:27 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

फर्म के माध्यम से अभियुक्तों ने वर्ष 2023-2024 में बिना किसी वास्तविक माल की खरीद के 8.32 करोड़ रुपये की बिक्री दर्शाई। इसी तरह वर्ष 2024-2025 में भी लाखों का फर्जी टर्नओवर दिखाया गया। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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पुलिस गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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फिरोजाबाद के थाना उत्तर पुलिस और एसआईटी ने फर्जी फर्म और कूटरचित दस्तावेज के सहारे सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व की चपत लगाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 8 करोड़ के फर्जी बिलों के जरिए 2.20 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की थी। इस पूरे खेल में आगरा के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट की भूमिका भी सामने आई है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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एसएसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि सीओ सिटी प्रवीण तिवारी और थाना उत्तर इंस्पेक्टर अंजीश कुमार सिंह की टीम ने पूरे मामले की जांच की, जिसमें सामने आया कि गिरोह ने दिव्या हाइब्रिड प्राइवेट लिमिटेड नाम से एक फर्म का जीएसटी पंजीकरण कराया था। इस पंजीकरण के लिए दम्मामल नगर स्थित एक दुकान का फर्जी रेंट एग्रीमेंट तैयार किया गया था। इस फर्म के माध्यम से अभियुक्तों ने वर्ष 2023-2024 में बिना किसी वास्तविक माल की खरीद के 8.32 करोड़ रुपये की बिक्री दर्शाई। इसी तरह वर्ष 2024-2025 में भी लाखों का फर्जी टर्नओवर दिखाया गया।

बिना ट्रक, बिना माल के ही हो गया परिवहन
एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद ने बताया कि विवेचना में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपियों ने कागजों पर जिस माल का परिवहन दिखाया, उसके लिए उपयोग किए गए वाहनों का वास्तव में कोई अस्तित्व या उपयोग नहीं था। यह पूरा नेटवर्क केवल इनपुट टैक्स क्रेडिट का अवैध लाभ प्राप्त करने के लिए बनाया गया था। जीएसटी विभाग की जांच के बाद सहायक आयुक्त सृष्टि जैन ने थाना उत्तर में मुकदमा दर्ज कराया था, जिसकी गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने एसआईटी का गठन किया था।
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यह तीन आरोपी गिरफ्तार
पवन कुमार निवासी आसफाबाद, फिरोजाबाद, यह फर्म का डायरेक्टर बनकर फर्जीवाड़े का संचालन कर रहा था। रोहित निवासी ग्वालियर, मप्र, इसे भी फर्म का डायरेक्टर बनाया गया था। पवन कुमार वर्मा निवासी विभव नगर, इसका पुराना आपराधिक इतिहास है और यह पूर्व में भी धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुका है। इन तीनों को गिरफ्तार किया गया है। इनके कब्जे से धोखाधड़ी में प्रयुक्त पांच मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुए हैं।

आगरा के चार्टर्ड अकाउंटेंट कमल कुमार की भूमिका भी सामने आई
सीओ सिटी प्रवीण तिवारी ने बताया कि पुलिस की जांच में आगरा के लोहामंडी निवासी सीए कमल कुमार की भूमिका भी सामने आई है। इस सीए ने ही अपने कंप्यूटर संसाधनों का उपयोग कर इस फर्जी फर्म को पंजीकृत कराया था। बिल, वाउचर और जीएसटी रिटर्न भरने का सारा तकनीकी काम उसी के निर्देशन में हुआ। फिलहाल वह फरार है। फर्जीवाड़े में प्रयुक्त सभी बैंक खातों का विवरण जुटाकर उन्हें सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस फर्जी फर्म से जिन अन्य व्यापारियों ने लेन-देन कर टैक्स का लाभ लिया है, उनके विरुद्ध भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जीएसटी विभाग ने संबंधित सभी संदिग्ध फर्मों के पंजीकरण को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है।
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