वीरांगना झलकारीबाई की शोभायात्रा नगर में धूमधाम के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में करीब एक दर्जन झांकियों एवं बैंडबाजों को शामिल किया गया। कोरी समाज के लोगों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। शोभायात्रा में स्वच्छता अभियान के तहत समाज के युवा साफ-सफाई करते हुए शामिल हुए। इसके बाद सभा का आयोजन किया गया।
शोभायात्रा का शुभारंभ विधायक मनीष असीजा ने दीप प्रज्वलन कर किया। अखिल भारतीय कोरी समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर खेमचंद्र कोरी ने आरती उतारी। शोभायात्रा झलकारी नगर से शुरू होकर झील की पुलिया, टापा पैंठ, बाग छिंगामल होते हुए गांधी पार्क पर संपन्न हुई। शोभायात्रा में राधा-कृष्ण, भारत माता, शंकर जी, युद्ध करते हुए झलकारी बाई की झांकियां शामिल हुईं। काली अखाड़ा आकर्षण का केंद्र बना रहा। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया। पालीवाल हाल में पहुंचने के बाद शोभायात्रा स्वाभिमान सम्मेलन में के रूप में परिवर्तित हुई। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष खेमचंद्र कोरी ने कहा कि समाज को शिक्षित बनना होगा।
सभी संगठित होकर संघर्ष करें। मुख्य वक्ता बांदा से आईं जिला पंचायत सदस्य मीना भारती ने कहा कि कोरी समाज का इतिहास बहुत गौरव शाली है। झलकारी बाई के साथ ही शहीद ऊधम सिंह कोरी, पूरन सिंह कोरी एवं महात्मा बुद्ध की मां महामाया कोरी समाज से थीं। आरवी वर्मा, दिनेश कोरी, चंद्रप्रभान ने भी विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व मंचासीन अतिथियों का सम्मान किया गया। शोभायात्रा अध्यक्ष हरी सिंह शंखवार, भगवानदास शंखवार, गिरजेश शंखवार, भोगीलाल, श्याम किशोर, रामकिशोर, प्रेमचंद्र शंखवार, विद्याराम शंखवार, मनोज, योगेश, कौशल, शिवराम, चंद्रकांता, घनश्याम, कायम सिंह मौजूद रहे।