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कड़वे पानी से मिले निजात, गड्ढा मुक्त सड़कों की आस

Sun, 29 Jan 2017 12:23 AM IST
Amar Ujala
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बदहाल सड़क - फोटो : Amar Ujala
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समूची विधानसभा क्षेत्र के लोग जर्जर सड़कों की समस्या से जूझ रहे है। पीने को शुद्ध पानी नहीं है और तमाम गांवों में रोशनी नहीं। मिर्च और आलू के किसानों के लिए कोई ठोस योजना अब तक नहीं बन सकी है। सभी उम्मीदवारों के एजेंडे में इस बार भी जर्जर रास्ते, शुद्ध पानी और किसानों की समस्याएं हैं।
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टूंडला विधानसभा क्षेत्र में सैकड़ों गांवों को जोड़ने वाला नारखी-पचोखरा मार्ग वर्षों से जर्जर हालत में है। 12 फीट चौड़ा और 15 किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण की मंजूरी पांच साल पहले मिली लेकिन अब तक सड़क बन नहीं सकी है। पूरा मार्ग उखड़ा पड़ा है। जगह-जगह गिट्टी आदि मार्ग किनारे पड़ी है। आगरा, जलेसर, मैनपुरी और फीरोजाबाद को जोड़ने वाला यह मुख्य लिंक मार्ग है।

सैकड़ों गांव इस मार्ग से जुड़े हैं और हजारों लोग मार्ग से प्रतिदिन गुजरते हैं। हालांकि जर्जर मार्ग पर अक्सर वाहन पलट जाते हैं। गढ़ी पुरानी निवासी धर्मेंद्र पाल, गढ़ी फतेह निवासी धीरेंद्र पाल सिंह, गोदई निवासी सुभलेंद्र, बछगांव निवासी जेपी गुप्ता कहते हैं कि यहां से राकेश बाबू दस साल से विधायक हैं लेकिन मार्ग को लेकर वह गंभीर नहीं रहे। लोगों ने मार्ग को लेकर आंदोलन किए रास्ता जाम किए, अनशन किए फिर भी मार्ग नहीं बना।
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बछगांव से नारखी जाने वाले मार्ग की स्थिति और भी गंभीर है। एक किलोमीटर के रास्ते पर तीन से चार फीट तक गहरे-गहरे गड्ढे हैं। पखरपुरा के सुखदेव, क्षेत्र के दुकानदार प्रदीप और इंद्रजीत ने बताया कि रास्ते की मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये का गोलमाल हो जाता है लेकिन गड्ढे नहीं ठीक होते। गड्ढों में वाहन पलट जाते हैं और लोग चोटिल हो जाते हैं। नगला बीच से फीरोजाबाद जाने वाला रास्ता भी जर्जर है। यह रास्ता एटा जिले को जोड़ता है। सैकड़ों गांव इससे जुड़े हैं। दवा विक्रेता जेपी गुप्ता बताते हैं कि इस रास्ते पर तीन प्रमुख स्कूल और बैंक हैं। हजारों बच्चे स्कूल आते-जाते हैं न विधायक सुनते हैं और न सांसद।  


विधानसभा क्षेत्र में लोगों को पीने के लिए शुद्ध पानी तक नहीं हैं। नारखी, गढ़ी अफोह, गढ़ी एबरन, गढ़ी हंसराम, नारखी धौकल, तालुका, नगला रुद्र, वाजिदपुर, मिलिक, कायथा, रजावली, बाघई, एरई, नगला ठार, गोथुआ, रामगढ़, उम्मरगढ़ आदि तमाम गांवों के लोग खारे पानी का दंश झेल रहे हैं। क्षेत्र की करीब एक लाख की आबादी कड़वा पानी पी रहे है। लोग दो-तीन किलोमीटर दूर जाकर पेयजल लाने को मजबूर हैं। सरकार की तमाम योजनाएं आई लेकिन गांव वालों को पीने के लिए दो घूंट शुद्ध पानी नसीब नहीं हो सकी। क्षेत्र के किसान कहते हैं कि यह पूरा क्षेत्र मिर्च उत्पादन के लिए जाना जाता है। मिर्च उत्पादक किसानों के दम पर देश के नक्शे में  अपनी पहचान बनाने वाले इस क्षेत्र का विकास हो, तब बात बने। दुकानदारों का भी मानना है कि जर्जर हाल सड़कों के कारण ही व्यापार चौपट हो रहा है।
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अब तक के विधायक
वर्ष         जीते प्रत्याशी         पार्टी
1952         उल्फत सिंह चौहान         स्वतंत्र पार्टी
1957         राम सिंह चौहान         सोशलिस्ट पार्टी
1962         मुल्तान सिंह यादव         सोशलिस्ट पार्टी
1967         मुल्तान सिंह यादव         सोशलिस्ट पार्टी
1999         मुल्तान सिंह यादव         बीकेडी
1974         रामजीलाल केन         कांग्रेस-आरपीआई
1977         राजेश कुमार सिंह         जनता पार्टी
1980         गुलाब सेहरा         कांग्रेस
1984         अशोक सेहरा         कांग्रेस
1989         ओमप्रकाश दिवाकर         जनता दल
1991         ओमप्रकाश दिवाकर         जनता दल
1993         रमेश चंद्र चंचल         समाजवादी पार्टी
1996         शिव सिंह चक         भाजपा
2002         मोहनदेव शंखवार         समाजवादी पार्टी
2007         राकेश बाबू             बसपा
2012         राकेश बाबू             बसपा

टूंडला क्षेत्र की पहचान
रेलवे का मुख्य जंक्शन, मिर्च का बड़ा उत्पादन क्षेत्र

कुल मतदाता - 349604
पुरुष - 190769
महिला - 158835

ैचुनाव मैदान में ये हैं मुख्य प्रत्याशी
एसपी सिंह बघेल (भाजपा), राकेश बाबू एडवोकेट (बसपा), शिव सिंह चक (सपा-कांग्रेस गठबंधन), जीपी पुष्कर (रालोद)।

टूंडला विधानसभा क्षेत्र में
कोतवाली टूंडला, नगला सिंघी, नारखी, पचोखरा, रामगढ़ (आंशिक क्षेत्र)। तहसील टूंडला और सदर (आंशिक)। ब्लाक टूंडला और नारखी।

उम्मीदवारों का एजेंडा
राकेश बाबू एडवोकेट (बसपा)
- विद्युतिकरण से वंचित गांवों में बिजली पहुंचाना
- हरेक ढाई सौ घरों के बीच दस लीटर की पानी की टंकियां लगाएंगे
- जर्जर सड़कों का निर्माण और चौड़ीकरण
- कानून व्यवस्था पर खास ध्यान
शिव सिंह चक (सपा-कांग्रेस गठबंधन)
- क्षेत्र में सबसे पहले बालिका महाविद्यालय के लिए प्रयास करेंगे
- किसानों और ग्रामीणों को बिजली की व्यवस्था
- शुद्ध पेयजल के लिए जेड़ाझाल जैसी परियोजना लेकर आएंगे
- सड़कों के निर्माण के लिए शासन से बजट लेकर आएंगे
एसपी सिंह बघेल (भाजपा)
- पहला काम क्षेत्र की जर्जर सड़कों की मरम्मत और गढ्ढा मुक्त रास्ते
- अच्छी शिक्षा के लिए स्कूल और चिकित्सा सुविधा मजबूत करना
- किसानों के लिए सिंचाई के साधन
- शुद्ध पेयजल के लिए योजना
गंगा प्रसाद पुष्कर (रालोद)
- किसान मजदूरों की समस्याओं का निदान
- किसानों के लिए खाद, बीज, सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था
- प्राकृतिक आपदा से पीडित किसानों को मुआवजा दिलाएंगे
- पेंशन से वंचित क्षेत्र के सभी पात्रों को पेंशन दिलाना
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