दिल्ली रेलखंड पर बरहन जंक्शन रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी डिरेल हो गई। मालगाड़ी के अंतिम चार वैगन पटरी से उतर गए। इसके चलते अप-डाउन रेलमार्ग पूरी तरह ठप्प हो गया। तत्काल ओएचई बंदकर कर दी गई। रेल हादसे के चलते कई ट्रेनों को मार्ग परिवर्तित कर चलाया गया।
घटना मंगलवार सुबह 6:27 बजे करीब की है। डीएन-28 मालगाड़ी गाजियाबाद से टूंडला की ओर आ रही थी। जैसे ही ट्रेन बरहन स्टेशन पर पहुंची तभी मालगाड़ी के पिछले चार वैगन पटरी से उतर गए। इसके चलते अप-डाउन का यातायात पूरी तरह से बंद हो गया। हादसे से ओएचई का एक खंभा और तार भी टूट गए। टूंडला नियंत्रण कक्ष ने तत्काल दुर्घटना साइरन बजाते हुए ओएचई लाइन बंद कराई। इसके चलते अप-डाउन की ट्रेन जहां के तहां खड़ी रह गईं। टूंडला से दुर्घटना राहत ट्रेन को रवाना किया गया। रेलमार्ग में एक गाड़ी के फंसे होने पर दुर्घटना राहत ट्रेन मौके पर नहीं पहुंच सकी। हादसे के करीब दो घंटे बाद राहत ट्रेन के पहुंचने पर राहत कार्य शुरू हो सका। इस दौरान अप व डाउन में कई ट्रेनें फंसी रहीं। रूट प्रभावित होने के कारण करीब एक दर्जन से अधिक ट्रेनों को मार्ग परिवर्तित कर चलाया गया। वहीं कुछ ट्रेनों को रद कया गया। ट्रेनों के मार्ग परिवर्तित होने एवं रद रहने से तमाम रेलयात्री परेशान रहे। यात्रियों को ट्रेनें छोड़कर सड़क मार्ग से यात्रा करनी पड़ी।
रूट परिवर्तित कर चलाया ट्रेनों को
आगरा होकर दिल्ली जाने वाली ट्रेन
दिल्ली की ओर जाने वाली डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, हाबड़ा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, भुवनेश्वर नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, सिलायदा-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस, रांची-नई दिल्ली गरीब रथ, मड़वाड़ी एक्सप्रेस, कानपुर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस आदि ट्रेनों को टूंडला से वाया आगरा, पलवल होकर दिल्ली भेजा गया।
आगरा होकर टूंडला आने वाली ट्रेनें
महाबोधी एक्सप्रेस, दुरंतो एक्सप्रेस, दरभंगा एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस को वाया पलवल-आगरा होकर टूंडला चलाया गया है। भागलपुर एक्सप्रेस व लिक्ष्वी एक्सप्रेस को फुटबैक करके चलाया गया है।
दिल्ली से वाया मुरादाबाद होकर जाने वाली ट्रेनें-
नई दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस, मूरी एक्सप्रेस, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस, महानंदा एक्सप्रेस, नीलांचल एक्सप्रेस, मगध एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस आदि को खुर्जा वाया मुरादाबाद होकर कानपुर ले जाया गया। गोमती एक्सप्रेस, नई दिल्ली डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस, नई दिल्ली पटना राजधानी एक्सप्रेस, जोगवनी एक्सप्रेस को गाजियाबाद, मुरादाबाद से कानपुर होकर चलाया गया।
मालगाड़ी के गार्ड ने कूदकर बचायी अपनी जान
बरहन स्टेशन पर हुए रेल हादसे के दौरान ट्रेन के गार्ड आरसी मौर्य घबरा गए। उन्होंने हादसा को भांपते हुए ब्रेक से छलांग लगा दी। मामूली चुटैल हुए गार्ड मौर्य ने बताया कि चलती ट्रेन की बोगियां के गिरने के साथ ही उन्होंने गार्ड ब्रेक से छलांग लगा दी। ट्रेन की अधिक स्पीड नहीं थी तथा ट्रेन डिरेल होकर रुक गई, नहीं तो उनका ब्रेक गार्ड बोगी भी पटरी से उतर जाती और वो भी हादसे का शिकार हो जाते।
... तो होता गंभीर हादसा
मंगलवार सुबह जिस वक्त हादसा हुआ बरहन स्टेशन पर यात्रियों का अधिक जमावड़ा नहीं था। अगर यही हादसा करीब 18 मिनट बाद होता तो गंभीर होता। इस दौरान टूंडला से चलकर नई दिल्ली जाने वाली पैसेंजर ट्रेन के लिए स्टेशन पर भारी भीड़ रहती है। भीड़ के चलते रेलयात्री प्लेटफार्म पर ही नहीं रेल लाइन किनारे खड़े होकर ट्रेन में सवार होते हैं। अगर इस दौरान हादसा होता तो बड़ा हादसा हो जाता।
बसों से गए यात्री
टूंडला अपनी रिश्तेदारी में आए कानपुर जाने के लिए यशोदा नगर निवासी विनोद सक्सेना अपने परिवार के साथ स्टेशन पर ट्रेन का सुबह से इंतजार करते रहे। उन्हें पता चला कि मालगाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने से ट्रेनों के मार्ग में फेरबदल कर दिया गया है। इस पर उन्होंने ट्रेन के बजाए बस द्वारा कानपुर जाना उचित समझा। इसी प्रकार इटावा जाने के लिए सुरेश यादव भी काफी देर तक ट्रेन का इंतजार करते रहे बाद में वह भी बस से इटावा गए।