शिकोहाबाद। फिरोजाबाद से विहार करके जैनाचार्य विवेक सागर ने ससंघ श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन पद्मावती पुरवाल जैन मंदिर में प्रवेश किया। रास्ते में महाराज श्री का जगह-जगह स्वागत और पूजा की गई। धर्मसभा में जैन मुनि ने कहा कि मनुष्य पर्याय पाने के लिए देव भी तरसते हैं।
आचार्य विवेक सागर ने कहा कि जीव अनादि काल से इस संसार में भ्रमण कर रहा है। जीव का मोहनीय कर्म इतना प्रबल है कि इस मोह के वशीभूत होकर अनेकों पाप कर्म करता रहता है। पाप कर्म करते-करते ही इस दुर्लभ मनुष्य पर्याय को गंवा देता है।
इस पर्याय को पाने के लिए देव लोग भी तरसते हैं। अगर हमें मनुष्य पर्याय को सफल बनाना है, तो हमें इस मोह को छोड़ना होगा। इस लिए हमें इस मोह रूपी कर्म को छोड़ कर मोक्ष मार्ग पर बढ़ने का सतत प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर सुनील जैन, ज्ञानेंद्र जैन, अनिल जैन, सुभाष जैन, इंद्रध्वज जैन, अरुण जैन, राहुल जैन, अशोक जैन, सुशील जैन मौजूद रहे।