भागवत कथा के दौरान प्रस्तुति देते नौनिहाल
जो मानव भगवान का भोग लगाए बिना भोजन करता है वह इंसान नहीं बल्कि पशु के समान है। क्योंकि इंसान के पास परमात्मा का दिया हुआ ज्ञान है। यह प्रवचन गांव नगला केशों अनवारा स्थित उटसानी माता मंदिर में आयोजित भागवत सप्ताह में कथा वाचक सुरेशचंद्र शास्त्री ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कोई भी इंसान जब भी भोजन करे तो वह भगवान को भोग अवश्य लगाए। कुछ लोग धर्मग्रंथों की बात नहीं मानते हैं। शास्त्री ने तुलसी कथा का श्रवण कराया तो श्रद्धालु भावविभोर हो गए।