मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन कर दिया लेकिन सुहागनगरी के कांच उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ग्लास एक्सपोर्ट मार्ट की स्थापना प्रदेश सरकार भूल गई।
तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद ने उद्योग बंधु की बैठक में 20 अगस्त 2015 को ग्लास सिटी एक्सपोर्ट मार्ट का प्रस्ताव पास करा स्वीकृति के लिए शासन को भेजा था। शासन को भेजे प्रस्ताव में कहा गया था कि फीरोजाबाद में ग्लास हैंडीक्राफ्ट का उत्पादन एवं निर्यात बड़े पैमाने पर किया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वैश्वीकरण के वर्तमान परिप्रेक्ष्य में फीरोजाबाद ग्लास हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की विशिष्ट पहचान एवं निर्यात में वृद्धि के लिए ग्लास सिटी एक्सपोर्ट की स्थापना बेहद जरूरी है। फीरोजाबाद में ग्लास सिटी एक्सपोर्ट मार्ट दिल्ली से सीधे जुड़ाप और रेलवे फ्रेट कॉरीडोर जैसी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की अवस्थापना सुविधाओं के लिहाज से भी जिले के लिए महत्वपूर्ण है। भदोही और नोएडा के एक्सपो मार्ट की तरह फीरोजाबाद में भी एक्सपोर्ट की स्वीकृति प्रदान की जाए, जिससे ग्लास हैंडीक्राफ्ट के निर्यात में वृद्धि और पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। जिला प्रशासन द्वारा प्रस्ताव को भेजे 16 माह गुजर गए लेकिन प्रदेश सरकार ने एक्सपो-मार्ट के संबंध में कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए। मुख्यमंत्री ने सोमवार को आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन कर दिया। यह फीरोजाद के कांच उद्योग को बड़ा झटका माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री को भेजा गया था प्रस्ताव
सपा नेता नीतेश अग्रवाल जैन ने कहा कि ग्लास टेक्नालाजी ट्रेनिंग सेंटर एक्सप्रेस वे पर बनाने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भेजा था। उन्होंने फीरोजाबाद फतेहाबाद लिंक रोड पर केंद्र को बनाने का सुझाव भेजा था। शासन ने इसके लिए जिले से रिपोर्ट मांगी तो उद्योग विभाग के तत्कालीन महाप्रबंधक सुधीर श्रीवास्तव ने पूरा नक्शा तैयार कर तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद को दिया था।