गर्मी के मौसम में आदमी पानी की एक-एक बूंद के लिए परेशान रहता है। वहीं तहसील परिसर में प्रतिदिन सैकड़ों लीटर पानी नाली में बहाया जा रहा है। इस ओर तहसील प्रशासन का ध्यान नहीं है। तहसीलदार से पानी की बर्बादी रोकने की लोगों ने मांग की है।
नगर में बिजली के साथ-साथ पानी की किल्लत पैदा होने लगी है। जबकि गर्मी का मौसम अभी आरंभ हुआ है। वहीं तहसील प्रशासन की नाक के नीचे लापरवाही के चलते आए दिन सैकड़ों लीटर पानी की बर्बादी हो रही है। तहसील प्रशासन द्वारा टंकी भरने के लिए समर का प्रयोग किया जाता है। कर्मचारी उसे चलाने के बाद यह तक नहीं देखते कि टंकी भरी है या नहीं। टंकी भर जाने के बाद पानी फैलता रहता है। प्रगतिशील किसान लोकेश कुमार, मोहित कुमार, रामप्रकाश, भोले कुशवाहा ने तहसील प्रांगण में हो रही पानी की इस बर्बादी पर रोष व्यक्त किया है। तहसीलदार से इस ओर ध्यान देकर टंकी भरने के लिए किसी कर्मचारी की ड्यूटी लगाने की मांग की है जिससे पानी की बर्बादी को रोका जा सके।