एसडीएम ने पंचायत कर कराया दोनों पक्षों में समझौता
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थाना नारखी के गांव रिजावली में दलित की बरात न चढ़ने देने के मामले में एसडीएम टूंडला ने शुक्रवार को दोनों पक्षों में राजीनामा करा विवाद को समाप्त कराया। साथ ही ठाकुर समाज को जिम्मेदारी सौंपी कि वे गांव के दलितों की रक्षा करें।
बता दें कि गांव रिजावली में विगत 18 अप्रैल को जगदीश वाल्मीकि की दो पुत्रियों की बरात आई थी। बरात चढ़ाने को लेकर ठाकुर समुदाय और वाल्मीकि समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे। बाद में प्रशासन ने हस्तक्षेप कर दोनों बेटियों की शादी हुई थी। मामले में जगदीश ने बसपा नेताओं से मुलाकात भी की थी। शुक्रवार को एसडीएम डा. पंकज वर्मा शुक्रवार दोपहर गांव पहुंचे। उन्होंने दोनों पक्षों से अलग-अलग बात करते हुए उनकी बात सुनी। इसके बाद उन्होंने प्राथमिक विद्यालय रिजावली में पंचायत की। एसडीएम ने दोनों पक्षों को समझाते हुए आपस में मिलजुल कर रहने की बात कही। इस मौके पर प्रधान धीरेंद्र पाल सिंह, नरेंद्र सिंह, राजेश जादौन, राजू जादौन, पम्मी सिंह, नरेशपाल सिंह, प्रीतम पाल बाबा, सुमित कुमार जादौन, उपेंद्र सिंह जादौन, दीप सिंह जादौन, प्रेमपाल, राजू, राजेंद्र, रामवीर, चंद्रपाल आदि उपस्थित रहे।
रिजावली निवासी भीकमपाल के बेटे धर्मेंद्र की बरात एटा के एक गांव जानी है। उसकी निकरौसी को लेकर संशय था। भीकमपाल ने अपनी बात एसडीएम डा पंकज वर्मा और थानाध्यक्ष के समक्ष रखी। इस पर उन्होंने शादी की रस्में पूरे तौर तरीके से कराने का आश्वासन दिया