अघोषित कटौती और बिगड़ा शेड्यूल सुहागनगरी के बाशिंदों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। मुरादाबाद कंट्रोल से कटौती के चलते रातभर बिजली गुल रही। कटौती के चलते शहर भर की जलापूर्ति ध्वस्त है तो अन्य व्यवस्थाएं भी चरमरा गई हैं।
बता दें कि ताज ट्रिपेजियम जोन में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति के निर्देश हैं। विद्युत व्यवस्था सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये फुंकने के बाद भी 24 घंटे बिजली मिलना यहां के बाशिंदों के लिए सपना हो गया है। अप्रैल में बिजली-पानी के संकट ने जनता के होश उड़ा दिए हैं। शासन के निर्देश पर मुरादाबाद कंट्रोल से रात में प्रतिदिन घंटों तक रोस्टिंग की जा रही है। भीषण गर्मी में बिजली की मांग बढ़ने से विद्युत उपकरण ओवरलोड हो रहे हैं। ओवरलोडिंग से बचने के लिए विभाग द्वारा लोकल स्तर पर भी घंटों कटौती की जा रही है। मुरादाबाद कंट्रोल एवं लोकल स्तर पर होने वाली अघोषित कटौती से पूरे जनपद में हाहाकार मचा है। 24 घंटे में 12 घंटे आपूर्ति मिलना मुश्किल हो गया है। बुधवार सुबह देर सायं तक बिजली संकट रहा। वहीं रात में मुरादाबाद कंट्रोल से कटौती के चलते पूरी रात शहर अंधकार में छाया रहा। रातभर बिजली न आने से लोगों की नींद उड़ गई। रात 11 बजे से शुरू हुआ कटौती का दौर सुबह 5.30 बजे तक चला। रातभर बिजली न आने के कारण घरों में लगे इनवर्टर भी ठप हो गए।
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शहर के दर्जनों मोहल्लों में नहीं हो सकी पानी की आपूर्ति
मुरादाबाद कंट्रोल से रातभर कटौती होने के कारण निगम द्वारा स्थापित पेयजल टंकियां नहीं भरी जा सकीं। टंकियां न भरने से गुरुवार सुबह शहर के दर्जनों मोहल्लों में पानी की आपूर्ति नहीं हुई। मोहल्ला संतनगर, रामनगर, छोटी छपैटी, बड़ी छपैटी, गढ़ैया मोहल्ला, कोटला मोहल्ला, नई बस्ती, करबला, भीम नगर, हिमायूंपुर, सुहाग नगर, जैन नगर, महावीर नगर, आर्य नगर, गांधी नगर, श्रीनगर, सरस्वती नगर, विभव नगर, बोधाश्रम, कोटला रोड, नगला करन सिंह, ओझा नगर, नगला बरी, विजय नगर सहित कई मोहल्लोें में सुबह लोग पानी को भटकते नजर आए। टंकियां खाली होने के कारण कुछ मोहल्लों में सुबह कहीं 15 मिनट तो कहीं 20 मिनट पानी आपूर्ति की गई।
टैंकरों के लिए दिनभर रही मारामारी
विद्युत विभाग द्वारा अघोषित कटौती के चलते टंकियां नहीं भर पाती हैं। ऐसे में टैंकरों की मांग बढ़ गई है। जलकल विभाग द्वारा गुरुवार शाम तक आधा सैकड़ा से अधिक टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा चुकी थी। इसके बाद भी लगातार टैंकरों के लिए फोन खटखटाए जा रहे थे।