सूरज की तपिश बढ़ने के साथ ही जिले में पेयजल संकट भी बढ़ता जा रहा है। कई जगह पानी पर जद्दोजहद हो रही है। शहर में टंकियां तक नहीं भरी जा रही हैं। इसका बड़ा कारण बिजली कटौती है। पानी की तलाश में खाली बर्तन हाथ में थामे लोग भटकने को ही मजबूर हैं। शहर की मलिन बस्ती करबला का हाल तो निगम बनने के बाद भी नहीं सुधरा। अधिक बारिश में यहां गंदगीयुक्त जलभराव की समस्या है तो गर्मी की शुरूआत के साथ पेयजल संकट। निगम के अधिकारी सुधार की ओर कभी ध्यान नहीं दे रहे हैं। यही कारण है कि कोई ठेल पर तो कोई हाथों में खाली बर्तन के साथ पानी की तलाश में भटकने को विवश हैं।
सभी हैंडपंप खराब, बूंद बूंद को तरसते लोग
गांव में पानी की किल्लत अधिक नजर आती है। गांवों में हैंडपंप ही पेयजल का मुख्य साधन हैं। हिमायूंपुर रोड किनारे बसे रुपसपुर गांव में सभी हैंडपंप खराब पड़े हैं। पेयजल सुविधा को टीटीएसपी (टैंक टाइप स्टेंड पोस्ट) बना दिया लेकिन इसकी टंकी ही फूट गई। ग्रामीणों ने इसे खुद संभाला लेकिन पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो सकी। ग्राम प्रधान रामजीलाल की मानें तो गांव की टंकी को सुधारने के लिए विधायक ओमप्रकाश वर्मा एवं टूंडला क्षेत्र के राकेश बाबू एडवोकेट से शिकायत की लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। अब सांसद अक्षय यादव से मिलकर समस्या के निदान की मांग की जाएगी।
गांव को खुले में शौचमुक्त करा लिया। शौचालय का लोग प्रयोग करने लगे। लेकिन पानी की समस्या शिकायत करते हैं लेकिन पानी का संकट है। आखिर पानी नहीं होगा तो फिर शौचालय से दिक्कत रहेगी।
अनिल शर्मा रुपसपुर।
बिजली कटौती के कारण पानी का संकट समूचे गांव में है। सबमर्सिबल पंप नहीं चल पाते है। पानी मोल खरीदने को लोग विवश हैं। शासन एवं प्रशासन शौचालय की भांति पेयजल की व्यवस्था की ओर भी ध्यान दे।
अतुल यादव रूपसपुर।
हैंडपंप तो काफी दिनों से खराब हैं। सुविधा संपन्न लोगों के यहां सबमर्सिबल पंप लगे हैं। गरीबों के घरों में पानी का संकट है। प्रदेश सरकार को पेयजल समस्या के समाधान की ओर ध्यान देना चाहिए।
आशीष शर्मा रुपसपुर।
विधायकों को सौ-सौ हैंडपंप मिले हैं। धनराशि आने पर सुधार कार्य कराया जाएगा। विभाग के पास कोई बजट नहीं है। सूखे एवं गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए विभाग ने कोई बजट शासन से नहीं मांगा है।
आरके सैनी
एक्सईएन जलनिगम फीरोजाबाद।