निजी चिकित्सक अब सरकारी अस्पतालों में अपनी सेवाएं देंगे। यह नई व्यवस्था केंद्र सरकार की अपील के बाद होने जा रही है। प्रधानमंत्री ने निजी चिकित्सकों से अपील की है कि वह जिला चिकित्सालय व सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का जनहित में स्वास्थ्य परीक्षण करें।
मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान चला रही है। अभियान के तहत हर माह की नौ तारीख को जिला चिकित्सालय सहित सीएचसी व पीएचसी पर गर्भवती महिलाओं व उनके गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए विशेष क्लीनिक का संचालन शुरू किया गया। जुलाई माह से शुरू हुए इस अभियान को चार माह बाद भी विशेष सफलता नहीं मिल सकी। केंद्र सरकार ने अब अनूठी कार्य योजना तैयार की गई है। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों की कमी और स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने देश भर के निजी चिकित्सकों विशेष रूप से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन से अपील की है कि वह प्रत्येक माह नौ तारीख को जिला चिकित्सालय व सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का जनहित में स्वास्थ्य परीक्षण करें। इससे गर्भवती महिलाओं को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को न्यूनतम किया जा सके।
इंसेट
दर जिला प्रदेश
मातृ मृत्युदर 153 258
शिशु मृत्युदर 56 68
जनसंख्या वृद्धि 3.6 3.3
(आंकडा प्रति दस हजार पर)
चिकित्सक की संख्या
लेवल स्वीकृत कार्यरत रिक्त
फर्स्ट 78 43 35
सेकेंड 11 12
थर्ड 22 8 14
फोर्थ 14 12 2
एप व वेबसाइट से डाक्टर कराएंगे पंजीकरण
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रलय ने चार नवंबर को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान से संबंधित एक मोबाइल एप (पीएमएसएमए) व वेबसाइट (पीएमएसएमए.एनएचपी.जीओवी.आइएन) लांच की है। कोई भी निजी चिकित्सक इस मोबाइल एप अथवा वेबसाइट के माध्यम से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत हर माह की नौ तारीख को अपनी नि:शुल्क सेवाएं देने के लिए अपना पंजीकरण करा सकते हैं।
क्या कहते हैं अधिकारी
केंद्र सरकार की अपील को लेकर हम सब गंभीर हैं। स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन से अपील की गई हैं कि वह हर माह की नौ तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर जाकर नि:शुल्क ओपीडी करें। संभव है कि दिसंबर माह की नौ तारीख को इसका असर भी दिखेगा।
डा. आरके पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष
आईएमए
केंद्र सरकार ने अपील कि है जो स्वस्थ्य समाज को बढ़ावा देगी। हम प्राइवेट चिकित्सकों के साथ संपर्क करके उन्हें इस योजना की ओर कदम बढ़ाने को कहेंगे।
डॉ पुष्कर आनंद, सीएमओ