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बेगुनाही का सबूत देने नहीं आए तीन शिक्षक, अन्य चार शिक्षकों ने दर्ज कराए बयान

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फिरोजाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में बड़े स्तर तक फर्जीवाड़ा छुपा हुआ है। बेगुनाही का सबूत देने के लिए सात शिक्षकों को सीडीओ की अध्यक्षता वाली कमेटी के समक्ष बुलाया था। किंतु तीन शिक्षक उपस्थित नहीं हुए। जबकि चार शिक्षकों ने अपने बयान दर्ज कराए। हालांकि जिला कमेटी ने किसी भी शिक्षक को क्लीनचिट नहीं दी है।
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प्राथमिक विद्यालय सुजावलपुर की प्रधानाध्यापिका हेमलता सुनवाई में गैरहाजिर रही। शिक्षिका हेमलता के नाम, पैन कार्ड व अन्य अभिलेखों हमीरपुर जनपद में तैनात शिक्षिका से मिलते हैं। शिक्षिका को सुनवाई के लिए बुलाया, किंतु वह नहीं आई। शिक्षिका के उपस्थित न होना, जबकि हमीरपुर में कार्यरत शिक्षक स्थानीय बीएसए के समक्ष उपस्थित होने से शक और भी गहरा गया है।
इधर, टूंडला ब्लाक में प्राइमरी ठारखूबी विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापक देवेश कुमार भी अनुपस्थित रहे। इनके जातिगत प्रमाण पत्र फर्जी होने का आरोप लगा था। मदनपुर ब्लाक में प्राइमरी बटेश्वरी में तैनात शिक्षक विवेक कुमार के शैक्षणिक प्रमाण पत्र फर्जी होने की शिकायत थी। शिक्षा विभाग के अभिलेखों का सत्यापन कराएगा। विभागीय लोगों के मुताबिक इनमें दो फर्जी शिक्षकों की बर्खास्ती होना तय है। शेष की जांच कराई जा रही है।
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ये शिक्षक हुए उपस्थित
एका ब्लाक में तैनात शिक्षक अवनीश और विजय बाबू पर आरोप था कि इनके पैन कार्ड अन्य जनपदों में भी पाए हैं। उन्होंने स्वयं के फर्जी न होने का दावा कमेटी के समक्ष किया। अरांव ब्लाक के मधुसुदन और नारखी में तैनात थान सिंह पर भी अभिलेख फर्जी होने के आरोप हैं।
जिला कमेटी की सुनवाई में सात शिक्षकों को बुलाया था। चार शिक्षक उपस्थित हुए। तीन शिक्षक अनुपस्थित रहे। हम इनके अभिलेखों की जांच करा रहे हैं। जल्द ही शिक्षकों को बर्खास्त किया है। सोमवार को कोई भी शिक्षक बर्खास्त नहीं किया गया।
डॉ. अरविंद पाठक, बीएसए
नौकरी के लिए बदल ली जाति, सत्यापन में फर्जी प्रमाणपत्र
नौकरी के लिए शिक्षक ने अपनी जाति बदल ली। प्रमाण पत्र भी फर्जी लगा लिया। ओबीसी जाति का होने के बावजूद शिक्षक ने एससी का प्रमाण पत्र बनवा लिया। तहसील से कराए सत्यापन में जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया है। शिक्षक पर कार्रवाई होना तय है।
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