खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम द्वारा प्रिंटिंग प्रेस पर पकड़े गए चंबल ब्रांड के स्टीकर।
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फिरोजाबाद। ब्रांडेड कंपनियों के नाम से स्टीकर बनाकर उनको बेचने का भंडाफोड़ हुआ है। इन स्टीकरों को नकली खाद्य पदार्थों का कारोबार करने वाले मिलावटखोर इस्तेमाल करते थे। नकली पदार्थों पर ब्रांडेड कंपनियों के स्टीकर लगाकर उनको बाजार में आसानी से बेच दिया जाता। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बड़ी संख्या में एक प्रिंटिंग प्रेस से स्टीकर पकड़े हैं। प्रिंटिंग प्रेस संचालक के खिलाफ थाना उत्तर में मुकदमा दर्ज कराया है।
चंबल कंपनी के अधकिारियों को खबर लगी थी कि फिरोजाबाद में नकली चंबल कंपनी का रिफाइंड बेचा जा रहा था। कंपनी के लोगों ने छानबीन की। इस पर देखा कि प्रिंटिंग प्रेस पर नकली स्टीकर बनाकर बेचे जाते हैं। कंपनी के लोगों ने खाद्य सुरक्षा विभाग में संपर्क किया। जिला अभिहित अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने टीम गठित कर कंपनी के लोगों के साथ जलेसर रोड, विभव नगर के निकट प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा।
यहां से पता लगा कि आर्यनगर में एमकेडी प्रिंटिंग प्रेस पर यह स्टीकर प्रिंट होते हैं। टीम ने थाना उत्तर के निकट एमकेडी स्टीकर प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारा। यहां चार हजार चंबल कंपनी के स्टीकर पाए गए। पैराशूट, कृषि दवा कंपनी पायनियर इंडिया सहित कई ब्रांड के फर्जी स्टीकर पाए गए। टीम ने प्रिंटिंग प्रेस संचालक को थाना उत्तर में ले गई। यहां प्रिंटिंग प्रेस संचालक अजय यादव व सुमित चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।
जिला अभिहित अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने कहा कि कॉपी राइट में आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। चंबल कंपनी सहित कई ब्रांडेड कंपनियों के स्टीकर मिले हैं।
लोगों की जिंदगी से कर रहे खिलवाड़
नकली स्टीकर बनाकर नकली खाद्य पदार्थों पर लगाया जाता था। उसे बाजार में कंपनी के दामों में ही बेचा जाता था। लोग भरोसा करके कंपनी के आयटमों को खरीदते थे। मगर वह खाद्य पदार्थ लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करता था। जिस हिसाब से स्टीकर पकड़े गए हैं, अंदाजा लगाया जा सकता है कि बड़े स्तर पर जनपद में नकली खाद्य पदार्थ का कारोबार चल रहा है। आरोपी ने खाद्य विभाग की टीम को एक युवक का नाम बताया। हालांकि उस बारे में स्पष्ट कोई जानकारी नहीं दे सका है।