फिरोजाबाद। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट इफराक अहमद ने 25 वर्ष पूर्व अनुसूचित जाति के साथ छेड़छाड़ और पिटाई व धमकी देने के दो दोषियों को चार वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई है। 11500 रुपये का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मामला थाना नारखी के एक गांव के आठ अगस्त 1999 का है। पीड़िता खेत पर चारा लेने गई थी। तभी गावं के अरविंद व चिंटू ने गलत काम करने की नीयत से हाथ पकड़ा और खेत में खींचकर ले जाने लगे थे। वह हाथ छुड़ाकर भागी, पीड़िता ने घटना के बारे में अपनी माता को बताया। माता ने उनसे पूछा तो उन्होंने मां को गाली गलौज किए जाने के साथ जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मुकदमा दर्जकर न्यायालय मे आरोपपत्र दाखिल किया। मामला सुनवाई को अपर जिला जज एवं विशेष जज एससी-एसटी एक्ट इफराक अहमद के न्यायालय में पहुंचा।
शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक नरेंद्र सिंह सोलंकी ने करते हुए सख्त सजा दिलाने को कई उदाहरण न्यायालय में पेश किए। न्यायाधीश इफराक अहमद ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर सजा सुनाई है।