फिरोजाबाद के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार की रात मेले में झूला झूल रहे चार बच्चों की जान खतरे में पड़ गई। झूले के एक ढोले की खिड़की खुल गई। बच्चे गिरते-गिरते बच गए। अभिभावकों और मेला परिसर में मौजूद लोगों में खलबली मच गई।
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रविवार की रात करीब 12 बजे रामलीला मैदान में लगे मेले में भारी भीड़ उमड़ी हुई थी। इसी दौरान चार बच्चे एक झूले पर सवार थे। झूला अपनी पूरी गति से घूम रहा था तभी अचानक उसके एक ढोले की खिड़की खुल गई। खिड़की खुलने से बच्चे बाहर की तरफ लटकने लगे। बच्चों को इस तरह देख नीचे मौजूद उनके माता-पिता और अन्य लोगों में चीख-पुकार मच गई। लोग चिल्लाने लगे। ऑपरेटर ने तुरंत झूले की गति कम की और उसे रोक दिया। इसके बाद चारों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इससे एक बड़ा हादसा टल गया।
संचालकों की लापरवाही पर उठे सवाल
घटना के बाद मेले में मौजूद लोगों में झूला संचालकों के प्रति भारी आक्रोश पनप गया। मौके पर मौजूद दिनेश चंद्र ने कहा कि झूला संचालकों द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। बच्चों को झूले में बैठाने से पहले ढोले के दरवाजों, खिड़कियों और सुरक्षा लॉक्स की ठीक से जांच नहीं की जा रही है। इससे कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना हो सकती है।