जर्जर बनी आयुर्वेद अस्पताल महावीर नगर की बिल्डिंग।
- फोटो : जर्जर बनी आयुर्वेद अस्पताल महावीर नगर की बिल्डिंग।
फिरोजाबाद। दो दशक से जर्जर अवस्था में चल रहे आयुर्वेद अस्पतालों के भवनों का पुनर्निर्माण होगा। 1.20 करोड़ रुपये से चार आयुर्वेद अस्पताल बनेंगे। शासन की स्वीकृति के बाद यूपीपीसीएल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन अस्पतालों में प्रतिदिन 300 से 400 मरीज अपने असाध्य रोगों का उपचार कराने आते हैं।
जनपद में 28 आयुर्वेद अस्पताल संचालित हो रहे हैं। इसमें से अधितर किराए के भवनों में हैं। दो दशक से ये अस्पताल जर्जर अव्यवस्था में चल रहे हैं। आयुर्वेदिक जिला अस्पताल महावीर नगर का भवन तो दो दशक से जर्जर बनीं हुईं हैं। इसी तरह कुशियारी, भदान, नगला भादौ अस्पताल की स्थिति भी खराब है। इन अस्पतालों के पुन: भवन निर्माण को मंजूरी मिली है।
शासन ने अस्पतालों के नवीन भवन निर्माण के लिए मंजूरी दे दी है। एक भवन बनाने में 30 लाख रुपये का खर्च आएगा। संभवत: एक माह में ही आयुर्वेद अस्पतालों के निर्माण का कार्य शुरु हो जाएगा।
नए भवनों में आयुर्वेद दवाओं के साथ मरीजों को योग से भी स्वस्थ किया जाएगा। इसके लिए नए भवनों में योग कक्ष का भी निर्माण किया जाएगा। योग प्रशिक्षक की तैनाती कर नियमित कक्षाएं संचालित की जाएंगी। हर्बल गार्डन भी तैयार किया जाएगा। हर्बल गार्डन में आयुर्वेदिक पौधे लगाए जाएंगे। जो चिकित्सा में कार्य आएंगे। इसके अलावा चिकित्सक कक्ष, एक दवा कक्ष, स्टॉक कक्ष बनाया जाएगा।
- आयुर्वेद अस्पतालों के नवीन निर्माण को शासन ने मंजूरी दे दी है। एक अस्पताल के निर्माण में 30 लाख का खर्चा आएगा। शासन का ध्यान आयुर्वेद अस्पतालों की दशा सुधारने पर रहेगा। - डाॅ. शरद कुमार, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी