फिरोजाबाद। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र एवं अपर सत्र न्यायाधीश नवनीत कुमार गिरि ने 24 वर्ष पुराने अपहरण के मामले में चार दोषियों को आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
थाना टूंडला क्षेत्र के कुतुकपुर जारखी निवासी रामवीर सिंह का भाई रघुवीर सिंह 1/2 जनवरी 2001 को अपने नलकूप पर रोजाना की भांति रखवाली के लिए गया था। जब वह सुबह घर वापस नहीं आया तो नलकूप पर गए और तलाश किया। नलकूप के पास झोंपड़ी से आगे उसके भाई की शॉल (लोई) पड़ी मिली और उससे आगे रघुवीर सिंह के पदचिन्ह और पांच लोगों के जूतों के निशान दिखे। उन्हीं निशानों पर आगे चलकर बांस झरना के बीहड़ तक खोजबीन की लेकिन कोई पता नहीं चल सका। रामवीर सिंह ने अज्ञात बदमाशों द्वारा अपने भाई के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने विवेचना के बाद बल्लो उर्फ बनवारी निवासी माली पट्टी नंबर 1 थाना बसई मोहम्मदपुर, राजवीर, सोमवीर, कैलाशी पुत्र थान सिंह निवासीगण सिरौलिया थाना टूंडला एवं गनपत निवासी वासदेवपुर थाना लाइनपार व अन्य के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। मुकदमा के दौरान बल्लो उर्फ बनवारी की मौत हो गई। उपरोक्त के अलावा अन्य अभियुक्त न्यायालय में हाजिर नहीं हुए। जिनकी पत्रावली पृथक की गई। न्यायालय में राजवीर सिंह, सोमवीर, कैलाशी एवं गनपत पर आरोप लगाया। न्यायालय में कई गवाहों ने गवाही दी। न्यायालय ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य का गहनता से अध्ययन करने और सभी तथ्यों पर विचार करने के बाद राजवीर, सोमवीर, कैलाशी एवं गनपत को दोषी ठहराते हुए खुले न्यायालय में सजा सुनाई।