जैन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में जैनाचार्य निर्भय सागर महाराज को श्रीफल भेंट करते श्रद्धालु।
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फिरोजाबाद। आचार्य निर्भय सागर जी महाराज के संघ सानिध्य में दिगंबर जैन परिषद फिरोजाबाद के तत्वावधान में निर्भय सागर दिगंबर जैन प्राकृत पाठशालाओं की बैठक आयोजित की गई। इसमें पाठशालाओं के संचालन और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए समिति का गठन किया गया।
बैठक में दिगंबर जैन परिषद फिरोजाबाद के पदाधिकारियों के साथ करीब 100 पाठशाला संयोजक और शिक्षक शामिल हुए। फिरोजाबाद के अलावा शिकोहाबाद, सिरसागंज, टूंडला, बरहन, पावागढ़ और मैनपुरी सहित विभिन्न क्षेत्रों की पाठशालाओं के शिक्षक एवं संयोजक भी मौजूद रहे। आचार्य निर्भय सागर महाराज ने कहा कि पाठशाला समिति का रजिस्ट्रेशन कराया जाना आवश्यक है। पाठशालाओं को आधुनिक स्वरूप देने के लिए कंप्यूटर, प्रोजेक्टर, ड्रेस, योग्य शिक्षकों की व्यवस्था और बच्चों के लिए नाश्ते की समुचित व्यवस्था की जानी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन अजय जैन ने किया।
एआई वरदान या अभिशाप, नीति बनाना जरूरी: आचार्यश्री
प्रवचन में आचार्य निर्भय सागर महाराज ने प्रवचन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में एआई युवाओं के जीवन का हिस्सा बन चुका है। आचार्य ने कहा कि एआई के जितने लाभ हैं, उतनी ही चुनौतियां भी हैं। यदि इसके उपयोग को लेकर प्रभावी नीतियां और कानून नहीं बनाए गए तो भविष्य में यह मानव जाति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। इसके लिए विश्व स्तर पर नियम और कानून बनाए जाने की आवश्यकता है।