फिरोजाबाद। शिकोहाबाद में बालाजी मंदिर के पास सोमवार सुबह जेट्रोफा के पेड़ का फल खाने से बच्चे, महिलाओं समेत 21 लोगों की हालत बिगड़ गई। सभी को उल्टी-दस्त होने के साथ चक्कर आने लगे। उन्हें सरकारी ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है।
थाना नारखी के गांव पचवान में कांशीराम आवासीय कॉलोनी के 24 लोग सुबह करीब दस बजे शिकोहाबाद में बालाजी मंदिर के पास गए थे। इस दौरान कुछ बच्चे मंदिर के पीछे की ओर चले गए। यहां जेट्रोफा के पेड़ पर लगे कच्चे फल तोड़ लाए। कॉलोनी के जितने लोग आए थे सभी ने ये फल खाए।
कुछ देर बाद एक के बाद एक सभी को उल्टी-दस्त होने लगे और चक्कर आने लगे। आसपास के लोग सभी को सरकारी ट्रामा सेंटर लेकर आए। यहां डॉ. राहुल जैन ने उनका इलाज किया। फल खाने से सबसे ज्यादा बच्चों की हालत बिगड़ी है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरए शर्मा को भी बुला लिया।
दवा लेने आते हैं कॉलोनी के लोग
कांशीराम कालोनी के बाशिंदे एक वाहन से बालाजी मंदिर के पास एक साथ आए थे। यहां एफएस कॉलेज के पास महीने दो महीने में मेडिकल कैंप लगाया जाता है। इसमें दवा लेने के लिए कॉलोनी के लोग आते हैं। कॉलोनी के लोग मंदिर में दर्शन करने के बाद घर जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी कुछ बच्चे भूड़ा नहर की ओर चले गए और वहां जेट्रोफा के पेड़ पर लगे फल तोड़ कर लाए थे।
इन लोगों की हालत बिगड़ी
मोहित (3) पुत्र इंद्रजीत, माधुरी (22) पत्नी इंद्रजीत, आदित्य (11) पुत्र पप्पू, मोहम्मद नदीम (25) पुत्र राजू खां, अनफेस (4) पुत्र मोहम्मद नदीम, मोना (15) पुत्र श्याम लाल, अमन (8) पुत्र भगवानदास, राजन देवी (65) पत्नी महेंद्र सिंह, शिम्भू (7) पुत्र प्रमोद, रचना (3) पुत्री प्रमोद, प्रमोद (50) पुत्र रामसनेही, मिथिलेश देवी (65) पत्नी ब्रह्मस्वरूप, प्रियंका (22) पुत्री जागेश्वर, पुष्पा देवी (35) पत्नी भूरे सिंह, सूरज (9), अभय (7) पुत्रगण मुकेश, सृष्टि (3) पुत्री मुकेश, गीता देवी (26) पत्नी मुकेश, शोएब (12) पुत्र सिराजउद्दीन, रिजवान (15) पुत्र इरफान, सरला देवी (40) पुत्र जागेश्वर सिंह निवासी पचवान थाना नारखी शामिल हैं।
इलाज के नाम पर लापरवाही
ट्रामा सेंटर में इलाज के नाम पर लापरवाही सामने आई। एक-एक बेड पर तीन-तीन मरीजों को लिटाया गया। ड्रिप लगाने के लिए स्टैंड तक नहीं थे। मरीज और तीमारदार ही हाथ में बोतल लिए खड़े रहे। प्रमोद कुमार को बोतल हाथ में पकड़ने के लिए विवश होना पड़ा। प्रमोद कुमार का एक बेटा व बेटी की हालत खराब थी। जबकि उसको भी चक्कर आ रहे थे। बेड पर जगह न मिलने पर एक बालक ड्रिप लगाए बेड के सहारे ही खड़ा रहा।
ट्रामा पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट
लोगों की तबीयत बिगड़ने की सूचना पर नगर मजिस्ट्रेट कुंवर पंकज सरकारी ट्रामा सेंटर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि उल्टी-दस्त होने से सूरज की हालत गंभीर है। शेष लोगों को भर्ती करा दिया गया है।
जेट्रोफा का फल खाने से पचवान कॉलोनी के करीब 21 लोगों को उल्टी-दस्त और चक्कर आने लगे। सभी को उपचार दिया है। एक बालक सूरज की हालत गंभीर है।
डॉ. राहुल जैन, ईएमओ ट्रामा सेंटर।
फल, बीज खाने से होते हैं उल्टी-दस्त
तत्कालीन जिला उद्यान अधिकारी बलजीत सिंह ने बताया कि लोगों ने जो फल खाया है, वह जेट्रोफा का है। यह बायोडीजल का पौधा है। हिंदी में इसे रतनज्योति कहते हैं। बताया कि औषधीय उपयोगों के बावजूद इस फल में ट्राईकलिन, क्यूनिक, राइसिन और सियानिक एसिड की मौजूदगी होने के कारण हानिकारक है। बीज में राइसिन की क्षमता अधिक होने के कारण इसे खाने सेे उल्टी, दस्त, पेट में दर्द और गले में जलन होती है। फल खाने के 15 मिनट के अंदर यह असर करना शुरू कर देती है। बताया कि शिकोहाबाद में भूड़ा नहर के पास इसके पौधे पाए जाते हैं।