पंचायत राज सेवा परिषद के प्रांतीय आह्वान पर जिला मुख्यालय से लेकर ब्लाक तक में कामबंद करके धरना प्रदर्शन किया। इसके चलते पंचायतीराज विभाग में कामकाज ठप रहा। ग्राम पंचायतों में सफाईकर्मी भी काम करने नहीं पहुंचे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि 26 दिसंबर को सरकार से सीधी बात होगी। समस्या का हल नहीं होने पर आगे की रणनीति की बनाई जाएगी।
पंचायतराज सेवा परिषद ने ग्राम विकास विभाग के अधीन नहीं करने की सरकार से मांग की है। शासन की ओर से ही पहले शासनादेश जारी करने और फिर वापस लेने के बाद से कर्मचारियों ने आंदोलन शुरू कर दिया। लखनऊ में हुए धरना प्रदर्शन के पश्चात तीन दिन सांकेतिक धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया था। शनिवार को पंचायतराज सेवा परिषद के जिलाध्यक्ष रामवीर यादव के निर्देशन में जिले के सभी ब्लाकों में पंचायत सचिवों, सफाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। विकास भवन प्रांगण में स्थित डीपीआरओ कार्यालय में कामकाज बंद करके बाहर धरना प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में डीपीआरओ यतेंद्र सिंह यादव,जग वीर सिंह, इंसाफ अली,नरेंद्र शर्मा, सरोज देवी, समा बेगम, सुखवीर सिंह, सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष मुलायम सिंह, विमल कुमार वाल्मीकि, राकेश कुमार,सतीशचंद्र के साथ ही अन्य स्टाफ मौजूद था। सदर ब्लाक में कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। वहीं, नारखी में प्रवीन प्रताप सिंंह, एका में विनय श्रीवास्तव, अरांव में रामेंद्र सिंह, हाथवंत में विनोद यादव व मदनपुर में राजकुमार, टूंडला में लक्ष्मन सिंह, शिकोहाबाद में सुनील एवं जसराना में रक्षपाल सिंह के नेतृत्व में धरना प्रदर्शन किया गया।