फिरोजाबाद। जिले में बृहस्पतिवार सुबह इस सीजन में पहली बार घना कोहरा छाया रहा। इससे हाईवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई और चालकों को दिन में लाइटें जलानी पड़ीं। सुबह नौ बजे तक कोहरे की घनी चादर छाई रही। कोहरे के कारण सांस व गले के मरीजों की परेशानी बढ़ गई। चिकित्सकों ने उनको सावधानी बरतने की सलाह दी है। पार्कों में टहलने वाले लोगों की संख्या बेहद कम हो गई है।हवा की दिशा बदलने से मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है। बृहस्पतिवार सुबह की शुरुआत घने कोहरे और ठंड के साथ हुई। सुबह चार बजे से शुरू हुए घने कोहरे के कारण दृश्यता काफी कम रही। सुबह घना कोहरा होने के कारण नेशनल हाईवे और उसायनी मक्खनपुर बाईपास सहित अन्य मार्गाें पर वाहनों की रफ्तार थम गई। कुछ वाहन चालक लाइट जलाकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए तो कुछ ने वाहनों को हाईवे किनारे खड़ा कर दिया। कोहरा नौ बजे तक छाया रहा और करीब 12 बजे के बाद धूप खिलने पर लोगों ने राहत महसूस की। वहीं कोहरा छाने से पहली बार लोगों को सर्दी का अहसास हुआ। सुबह के समय लोग गर्म कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकले।
मौसम में ठंडक बढ़ने से सांस और गले में इंफेक्शन के मरीज बढ़े हैं। वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. नीरज गुप्ता का कहना है कि ऐसे मौसम में सांस के मरीजों को ठंडी व ज्यादा मसालेदार चीजों का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा मरीज को कोहरे के समय घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए और जरूरी होने पर सिर व शरीर को ढककर ही बाहर निकलना चाहिए। इसके अलावा सुबह टहलने से परहेज करें और रात में शरीर का तापमान बाहर के तापमान के अनुसार होने पर ही बिस्तर छोड़ना चाहिए। उन्होंने मरीजों को गुनगुने पानी का सेवन करने और सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक की सलाह लेने की सलाह दी है।
-
सांस के रोगी ऐसे करें बचाव
-ज्यादा ठंडी और मसालेदार व्यंजनों का सेवन करने से परहेज करें
-धूम्रपान न करें और धूम्रपान करने वाले व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखें
-सुबह के समय टहलने से परहेज करें
-कोहरे और धूल भरे स्थानों पर जाने से बचें
-रात में सही समय पर और भरपूर नींद लें