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कोहरा छंटा लेकिन कड़ाके की सर्दी का असर कम नहीं

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रकविर सुबह एस.आर.के डिग्री कालेज में सर्दी से वचाव के लिए एक दूसरें से चिपक कर बैठे बंदर - फोटो : FIROZABAD
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फिरोजाबाद। रविवार का दिन भी काफी ठंडा रहा। भले ही कोहरा नहीं रहा, लेकिन शीत लहर के कारण सर्दी का सितम पूरी तरह जारी रहा। हांड़ कंपा देने वाली सर्दी से लोग परेशान दिखे। बाजारों भी देरी से खुले। लेकिन सर्दी के चलते पूरे दिन बाजारों में सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। रविवार की छुट्टी होने के कारण सड़कों पर भी कम ही लोग दिखे।
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सर्दी से बचने के लिए सुबह 11 बजे तक लोग जगह जगह अलाव पर तापते नजर आए। कोई लकड़ी जला रहा था, तो कोई कूड़े कचरे में आग लगाकर ताप रहा था। यह नजारा शहर के अधिकत्तर स्थानों पर देखने को मिला। वहीं सदर बाजार के साथ अन्य मार्के टों में दुकानदार सर्दी से बचने के लिए हीटर आदि जलाते दिखे। दोपहर 12 बजे के बाद सूर्य देव के दर्शन हुए तो लोग छतों पर चढ़ गए। गुनगुनी धूप ने कुछ राहत दी।
लकड़ी के दामों में भी बढ़ोत्तरी
शनिवार को कड़ाके की सर्दी के बाद लड़की के दामों में भी बढ़ोत्तरी कर दी। शुक्रवार तक जहां लकड़ी 25 रुपये की पांच किलो बिल रही थी। वही रविवार को 30 रुपये की पांच किलो बिकती नजर आई। उपलों के दाम में भी इजाफा हुआ है। कोयला भी 30 से लेकर 40 रुपये धड़ी बिकता दिखा।
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खुले में सो रहे लोगों को पहुंचाया रैन बसेरों में
फिरोजाबाद। रविवार को सर्दी का सितम पूरे दिन जारी रहा। रात को भी शीत लहर चल रही, जिसके चलते नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी खुले आसमान के नीचे सो रहे लोगों को रैन बसेरों में भेजने के लिए देर रात तक सड़कों पर दौड़ते नजर आए।
अपर नगर आयुक्त शिव सिंह नगर निगम कर्मचारी व स्थाई रैन बसेरा प्रभारी धर्मेंद्र कुमार के साथ रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सर्विस रोड स्थित दवा मार्केट के बरामदे के साथ अन्य स्थानों पर पहुंचे। यहां पर कुछ लोग कंबल और चादर ओढ़कर सो रहे थे। इन लोगों को जगाकर अधिकारियों और कर्मचारियों ने रैन बसेरों में भेजा। ताकि लोगों को सर्दी से बचाया जा सके। कैला देवी मंदिर के सामने सड़क पर सो रहे लोगों को रामलीला मैदान में बने रैन बसेरे में पहुंचाया गया।
वहीं रेलवे स्टेशन के आरक्षण कार्यालय के बाहर बने बरामदे में सो रहे लोगों को रेलवे परिसर में बने रैन बसेरे में भेजा गया। रैन बसेरा प्रभारियों को निर्देश दिए कि यदि कोई व्यक्ति खुले में सोता मिले तो उसको उठाकर रैन बसेरे में रहने के लिए प्रेरित किया जाए। जिससे गरीब और बेसहारा लोगों को सर्दी से बचाया जा सके।
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