टूंडला (फिरोजाबाद)। लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे लाखों क्यूसेक पानी के कारण यमुना नदी में आई बाढ़ ने टूंडला क्षेत्र के कई गांवों में भारी तबाही मचाई है। कई गांवों के घरों में पानी घुस गया है, जिससे ग्रामीणों को अपना सामान और पशुओं को लेकर ऊंचे स्थानों की ओर जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन की तरफ से उन्हें कोई मदद नहीं मिल रही है।
बाढ़ से सबसे ज़्यादा प्रभावित गांवों में से एक जटपुरा है, जहाँ मुरारीलाल के पशुवाड़े और विधवा भूरी देवी के मकान में पानी भर गया है। भूरी देवी ने बताया कि उन्हें अपना सामान पड़ोसियों के घर में रखना पड़ा है। रसूलाबाद फुलट्टी, रामगढ़, ठार मनसा, नगला हरिवंश, ठार डेका, ठार बर, ग्वारई, और घुरुकुआ की ठार झरना जैसे गांवों में भी पानी ने लोगों के घरों में प्रवेश कर लिया है। ठार मनसा के किसान ज्ञासीराम ने बताया कि पानी इतनी तेज़ी से आया कि बच्चों और कुछ सामान को सुरक्षित निकालना मुश्किल हो गया। उन्होंने कहा, हम तो सड़क पर आ गए। ठार झरना के ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने मदद के लिए 1076 पर कॉल भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कुछ परिवारों ने बच्चों और महिलाओं को ट्यूब के सहारे पास के गांव में भेजा है, जबकि पुरुष अपने पशुओं के कारण वहीं रुके हुए हैं और खुद ट्यूब के सहारे खाने-पीने का सामान ला रहे हैं।
घरों में पानी, ग्रामीणों का दर्द
टूंडला। घरों में पानी घुसने से ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। ठार बर के लज्जाराम और भूरी सिंह ने अपना घरेलू सामान ट्रैक्टर से प्रधान के घर भिजवाया है। कई ग्रामीण, जिनमें भूरी देवी भी शामिल हैं, ने बताया कि रविवार रात से ही उनके घरों में पानी घुसना शुरू हो गया था, लेकिन सोमवार सुबह तक प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली।
कुछ ग्रामीणों ने खुद से ही ऊंचे स्थानों पर टेंट लगाकर रहना शुरू कर दिया है। ग्रामीण परेशान हैं और जल्द से जल्द प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं