फिरोजाबाद। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो के न्यायाधीश ने पुलिस टीम पर फायरिंग के मामले में दोषी को पांच वर्ष के कारावास एवं एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न अदा करने पर एक माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला थाना उत्तर में पांच जून 2020 का है। उपनिरीक्षक अनिल कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कराया था। वह हमराहियों के साथ चेकिंग कर रहे थे। तभी बंबा चौराहा कोटला रोड पर एक बाइक से तीन संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखा। पुलिस के टार्च की रोशनी दिखाकर रुकने का इशारा करने पर वह बाइक मोडकर भागने के चक्कर में गिर पड़े। पुलिस टीम उनकी तरफ बढ़ी तभी तमंचे से फायर किया गया। पुलिसकर्मियों ने बचते हुए दो बदमाशों अतुल उर्फ राहुल निवासी कबीर गली नंबर चार, थाना उत्तर और सोनू उर्फ सेठी निवासी सत्यनगर की बगीची, थाना उत्तर भी था। उनके पास से तमंचा और कारतूस बरामद हुआ था। जबकि उनका साथी जुगनू निवासी रानीनगर भाग निकला था। पूछताछ में बताया था कि वे लूट की फिराक में घूम रहे थे। विवेचक ने मामले में आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा आराेप पत्रों पर संज्ञान लेने के पश्चात इस प्रकरण को सत्र न्यायालय के सुपुर्द किया गया। नौ मई 2025 को सोनू उर्फ सेठी की पत्रावली न्यायालय के आदेश पर पृथक की गई। मामले की सुनवाई न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक कोर्ट संख्या दो के न्यायाधीश विमल वर्मा की कोर्ट में हुई। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने के बाद कोर्ट ने सोनू उर्फ सेठी को दोषी पाया। उसे पांच साल के कारावास से दंडित किया है।