फिरोजाबाद। आयुध निर्माणी हजरतपुर (ओईएफ) के दो अधिकारियों पर पिछले दिनों न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर सीबीआई के नाम पर दबाव बनाने और महिला सहकर्मी के उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले टेलर रघुनंदन शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को रघुनंदन शर्मा के घर पर भी निलंबन का नोटिस चस्पा किया गया। उन पर अपनी शिकायत प्रक्रियात्मक तरीके से अपने इंचार्ज ऑफीसर को करने के बजाए सीधे उच्चाधिकारियों से करने का आरोप लगा है।
भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के आयुध निदेशालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, आयुध निर्माणी हजरतपुर में कार्यरत टेलर/एमसीएम रघुनन्दन शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आदेश में उल्लेख है कि यह कार्रवाई केंद्रीय सिविल सेवाएं (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के तहत की गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय हजरतपुर रहेगा और वे बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
कर्मचारी ने दिया था कोर्ट में प्रार्थना पत्र
निलंबन से पूर्व पिछले दिनों रघुनंदन शर्मा ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट फिरोजाबाद न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इसमें उन्होंने दो उच्चाधिकारियों पर सनसनीखेज आरोप लगाए थे। आरोप था कि अधिकारी अपनी निजी रंजिश साधने के लिए उन पर सीबीआई और एटीएस के सामने एक अन्य अधिकारी के विरुद्ध झूठी गवाही देने का दबाव बना रहे हैं। जब उन्होंने झूठी गवाही देने से मना किया, तो उन्हें गालियां दी गईं, जान से मारने की धमकी दी गई और नौकरी से निष्कासित करने का डर दिखाया गया। प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया था कि उक्त अधिकारियों ने एक महिला कर्मचारी का भी मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने का प्रयास किया। रघुनन्दन शर्मा ने कोर्ट को बताया था कि उन्होंने इस घटना की शिकायत थाना टूंडला में भी की थी। मगर, कोई कार्रवाई नहीं हुई। रघुनंदन ने कोर्ट से अपील की थी कि इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
निर्माणी परिसर में तनाव का माहौल
एक तरफ विभाग द्वारा कर्मचारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई और दूसरी तरफ कर्मचारी द्वारा लगाए गए गंभीर आपराधिक आरोपों ने निर्माणी के भीतर तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है।