फिरोजाबाद। घरों से निकलने वाले कबाड़ के उचित निस्तारण के लिए निगम द्वारा निर्धारित कबाड़ी आया एप लोगों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा। एक ओर जहां लॉकडाउन की बंदिशें एप क्रियान्वयन को गति नहीं दे सकीं। वहीं दूसरी ओर एप संचालन को जिम्मेदार लोगों की अनदेखी निगम की सार्थक पहल पर पलीता लगा रही है। ताजा स्थिति के अनुसार फिलहाल एप एक्टिवेट नहीं है।
नगर निगम द्वारा घरों से निकलने वाले निष्प्रोज्य घरेलु सामान एवं टूटे-फूटे सामान को गली के नुक्कड पर फेंकने पर रोक लगाने के अलावा लोगों को उनके कबाड़ का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से कबाड़ी आया एप लॉच किया था। लोगों का आरोप है कि एप पर संदेश भेजने के बाद भी प्रतिउत्तर नहीं मिलता है। वहीं लोहा, इलेक्ट्रॉनिक्स सामान से निकलने वाले कॉपर जैसी मंहगी धातुओं की दरें भी काफी कम हैं। बता दें कि खरीदे गए कबाड का चनौरा स्थित डंप सेंटर पर निस्तारण कराया जाता है। कबाड़ की खरीद व उसके उचित निस्तारण का जिम्मा मुस्कान इंटरप्राइजेज नामक एक संस्था के पास है।
कबाड़ी आया एप निगम का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। एप के माध्यम से घरों से निकलने वाले कबाड से उत्पन्न गंदगी की समस्या का निराकरण एवं लोगों को उनके निष्प्रोज्य सामान का उचित मूूल्य दिलाना है। कोविड के कारण एप के क्रियान्वयन में दिक्कतें आईं हैं। माहौल सही होने पर एप को बेहतर रूप से क्रियान्वित करेंगे। -विजय कुमार, नगर आयुक्त