फिरोजाबाद। शहर की एमएसएमई इकाइयों की साख बढ़ाने और कांच उत्पादों की वैश्विक गुणवत्ता में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है। विश्व बैंक के सहयोग से संचालित रैम्प योजना के तहत आगामी 9 फरवरी को एक होटल में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। इसमें केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के विशेषज्ञ और अभियंता स्थानीय उद्यमियों व निर्यातकों को कारोबार विस्तार के गुर सिखाएंगे।
रेजिंग एंड एक्सेलरेटिंग एमएसएमई परफॉरमेंस (रैम्प) योजना का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों के प्रदर्शन में सुधार करना है। कार्यशाला के दौरान कांच उद्यमियों को निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। कांच उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार और उत्पादन के लिए आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग की जानकारी दी जाएगी। उद्यमियों को बैंक ऋण हासिल करने के आसान तौर-तरीकों और अपनी बैंकिंग साख सुधारने के बारे में बताया जाएगा। एमएसएमई क्लस्टर के रूप में संचालित इकाइयों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मौजूदा माहौल और प्रतिस्पर्धी बनने की बारीकियों से अवगत कराया जाएगा।
विशेषज्ञों की मौजूदगी में होगा मंथन
संध्या यादव, उपायुक्त उद्योग ने बताया कि इस एक दिवसीय कार्यशाला में केंद्रीय मंत्रालय के विशेषज्ञ अधिकारी मौजूद रहेंगे, जो उद्यमियों की तकनीकी शंकाओं का समाधान करेंगे। जिला प्रशासन और उद्योग विभाग का मानना है कि इस प्रशिक्षण से कांच नगरी के उत्पादों की मांग वैश्विक स्तर पर और बढ़ेगी। उद्यमियों को बैंक क्रेडिट में सुधार के अलावा अंतरराष्ट्रीय व्यापार माहौल के बारे में तकनीकी जानकारी दी जाएगी। यह कार्यशाला एमएसएमई क्लस्टर के रूप में संचालित कांच इकाइयों की तरक्की के लिए अत्यंत फायदेमंद साबित होगी।