फिरोजाबाद। विशेष न्यायालय (एससी/एसटी एक्ट) की न्यायाधीश साक्षी शर्मा की अदालत ने आलू बीज के कारोबार में निवेश के नाम पर लेखपाल से 7 लाख 16 हजार 900 रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले को परिवाद के रूप में दर्ज किया है। इस मामले में अगली सुनवाई और वादी के बयानों के लिए 15 अक्तूबर की तारीख नियत की गई है।
यह मामला तहसील सिरसागंज में तैनात लेखपाल देवेंद्र से संबंधित है। लेखपाल देवेंद्र ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर बताया कि वर्ष 2016 में सिरसागंज में तैनाती के दौरान उनकी मुलाकात ग्राम कटौरा बुजुर्ग निवासी आलोक कुमार शर्मा से हुई थी। आलोक ने आलू बीज के व्यापार में पूंजी लगाने का झांसा देकर उनसे 10 लाख रुपये मांगे थे। विश्वास में आकर लेखपाल देवेंद्र ने मार्च 2025 में नकद, ऑनलाइन और एनईएफटी के माध्यम से अलग-अलग तिथियों में कुल 7,16,900 रुपये आलोक को दे दिए।
आरोप है कि जब एक साल बाद लेखपाल ने अपने पैसे वापस मांगे तो आलोक ने उन्हें एक कोल्ड स्टोरेज की फर्जी कंप्यूटर रसीद थमा दी। पड़ताल करने पर कोल्ड स्टोरेज के स्वामी ने बताया कि उनके नाम से कोई आलू नहीं रखा गया है। इसके बाद, 1 अप्रैल 2026 को फोन पर संपर्क करने पर आलोक ने पैसे देने के बहाने लेखपाल को गुराऊ टोल टैक्स के पास बुलाया। आरोप है कि वहां आलोक ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए गालियां दीं, लाइसेंसी रिवाल्वर तानकर जान से मारने की धमकी दी और फरार हो गया। थाना सिरसागंज और एसएसपी स्तर पर सुनवाई न होने पर लेखपाल ने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रार्थी को पूरी घटना की व्यक्तिगत जानकारी है, अभियुक्तों के नाम स्पष्ट हैं और साक्ष्य प्रस्तुत करने में प्रार्थी स्वयं सक्षम है। ऐसे में पुलिस विवेचना की आवश्यकता न मानते हुए कोर्ट ने इस मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश सुनाया।