फिरोजाबाद। थाना नारखी क्षेत्र के गांव ओखरा की एक महिला की डिलीवरी के बाद तबीयत बिगड़ने पर आगरा रेफर किया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन और ग्रामीणों ने अस्पताल के चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। महिला की मौत की खबर मिलते ही ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए, लेकिन उससे पहले ही अस्पताल का स्टाफ मौके से गायब हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत कराया। इसे लेकर आगरा में पोस्टमार्टम कराया गया है।
थाना नारखी क्षेत्र के गांव ओखरा निवासी प्रीती देवी (38) को सात जुलाई की रात करीब 10 बजे प्रसव पीड़ा होने पर परिजन कोटला रोड स्थित बंबा चौराहा के पास एक अस्पताल लेकर पहुंचे। देर रात ऑपरेशन से उन्होंने बेटा को जन्म दिया। परिजन का आरोप है कि डिलीवरी के करीब आधे घंटे बाद महिला की तबीयत बिगड़ने लगी और अत्यधिक ब्लीडिंग शुरू हो गई। आरोप है कि चिकित्सकों ने टांके लगाए, लेकिन इसके बाद पेट फूलने की शिकायत होने लगी।
हालत गंभीर होने पर अस्पताल स्टाफ ने आठ जुलाई की सुबह करीब चार बजे महिला को आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप है कि वहां भर्ती कराने के बाद स्टाफ वापस लौट आया। आगरा के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान भी महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ और शाम करीब छह बजे चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
महिला की मौत की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण बंबा चौराहा स्थित अस्पताल पहुंच गए। इससे पहले ही अस्पताल का स्टाफ वहां से चला गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पड़ोसी ओमकार कुशवाह ने चिकित्सकों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। प्रीती देवी के शव का बृहस्पतिवार को आगरा में पोस्टमार्टम कराया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि महिला का आगरा में पोस्टमार्टम हो रहा है। तहरीर के आधार पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।