फिरोजाबाद। सौ शैय्या अस्पताल में प्रसूता को इलाज देने से इन्कार करने और उसे रैंप पर तड़पता छोड़ देने के मामले में अब प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। प्रकरण का संज्ञान लेते हुए मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योगेश गोयल ने फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज के स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा है।
उन्होंने कहा कि एक प्रसूता के साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है और इसकी जवाबदेही तय की जाएगी। विभागाध्यक्ष को निर्देश दिया गया है कि वह पूरी घटना का विवरण उपलब्ध कराएं और यह स्पष्ट करें कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों और स्टाफ ने तत्काल मदद क्यों नहीं दी।
गौरतलब है कि यह मामला शुक्रवार रात करीब दो बजे का है, जब नगला पान सहाय निवासी किशन लाल अपनी पत्नी शिखा को प्रसव पीड़ा होने पर सौ शैय्या अस्पताल लाए थे। स्टाफ ने उसकी गंभीर हालत का हवाला देते हुए भर्ती से इनकार कर दिया और आगरा रेफर करने को कहा। महिला करीब एक घंटे तक गेट की रैंप पर पड़ी तड़पती रही, लेकिन किसी ने उसे अंदर नहीं लिया।बाद में मामला सीएमएस डॉ. नवीन जैन तक पहुंचा तो उन्होंने हस्तक्षेप कर चिकित्सकों की टीम को बुलाया। सुबह करीब 4:30 बजे महिला का सिजेरियन ऑपरेशन हुआ और उसने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।डॉ. नवीन जैन ने पहले दिन ही सफाई देते हुए कहा था कि महिला की स्थिति गंभीर थी, इसलिए उसे रेफर किया गया था। कुछ लोगों ने अस्पताल को बदनाम करने के इरादे से महिला को जमीन पर ही लिटा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही उन्हें जानकारी हुई, तुरंत कार्रवाई कर ऑपरेशन कराया गया। अब प्राचार्य डॉ. योगेश गोयल के हस्तक्षेप के बाद माना जा रहा है कि लापरवाही के जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है।