फोटो 18कांच की दर बढ़ाने के विरोध में एक सप्लायर द्वारा सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट। सोशल मी
फिरोजाबाद। पश्चिम एशिया में युद्ध की तपिश और भविष्य में गैस की कीमतें बढ़ने की आशंका ने फिरोजाबाद के कांच उद्योग में दरार पैदा कर दी है। गेल की ओर से हालिया गैस बिल जारी होने के बाद शहर के माउथ ब्लोइंग कारखानेदार, सप्लायर और निर्यातक आमने-सामने आ गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक और व्हाट्सएप पर यह विवाद अब एक शीत युद्ध का रूप ले चुका है।
हाल ही में माउथ ब्लोइंग इकाइयों ने संभावित गैस संकट और दरों में इजाफे का हवाला देकर कांच आइटमों की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी थी। लेकिन मंगलवार को जब गेल ने गैस बिल जारी किए, तो दरें स्थिर पाई गईं। इसके बाद से ही सप्लायरों और निर्यातकों ने मोर्चा खोल दिया है।
विवाद का असर व्यापार पर भी दिख रहा है। निर्यातकों और सप्लायरों ने माउथ ब्लोइंग इकाइयों से माल का उठान बंद कर दिया है और नए ऑर्डर रोक दिए हैं। व्हाट्सएप ग्रुपों में कारखानेदारों के खिलाफ लामबंदी की जा रही है। खास बात यह है कि इन ग्रुपों में केंद्र और प्रदेश शासन के अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी जुड़े हैं, जिससे यह रार अब प्रशासनिक स्तर तक पहुंच गई है।
नेपाल चूड़ी विक्रेता एसोसिएशन ने खोला मोर्चा, मनमानी बर्दाश्त नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। कांच आइटमों के साथ-साथ चूड़ी उद्योग में भी तनाव बढ़ गया है। नेपाल चूड़ी विक्रेता एसोसिएशन की बैठक में कारखानेदारों द्वारा चूड़ी के तोड़ा की दरों में 15 से 25 रुपये तक की मनमानी बढ़ोत्तरी पर कड़ा विरोध दर्ज किया गया। नेपाल चूड़ी विक्रेता एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में योगेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि बिना कच्चे माल या गैस की कीमतें बढ़े, चूड़ी के दाम बढ़ाना न्यायसंगत नहीं है। उपाध्यक्ष मोहम्मद रियाजउद्दीन ने चेतावनी दी कि अगर बढ़ी हुई दरें वापस नहीं ली गईं, तो सभी चूड़ी विक्रेता एकजुट होकर नई रणनीति बनाएंगे। एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से इस समस्या में हस्तक्षेप करने की मांग की है। बैठक में अतुल गुप्ता, विष्णु अग्रवाल, इरशाद अली, अजय गुप्ता और गौरव भारद्वाज सहित बड़ी संख्या में चूड़ी विक्रेता मौजूद रहे।