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Firozabad News: बजट के अभाव में अटकी इंडस्ट्रीरियल एरिया में वायु गुणवत्ता जांच

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फिरोजाबाद। बजट के अभाव में शहर के औद्योगिक आस्थानों में वायु प्रदूषण के सर्वे का काम अधर में लटका हुआ है। सर्वे के लिए करीब चार माह पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए थे। निर्देशों के तहत शहर के औद्योगिक आस्थानों में वायु प्रदूषण की स्थिति का अध्ययन किया जाना है।
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वायु प्रदूषण के लिहाज से अत्याधिक संवेदनशील कांच नगरी में हवा की गुणवत्ता खराब करने वाले तत्वों की जांच की जानी है। इस संबंध में 22 अप्रैल 2025 को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए थे। इसके तहत टीटीजेड अर्थोरिटी की ओर से पर्यावरण इंजीनियरिंग संस्थान बंगलौर (नीरी) के जरिए शहर के प्रमुख औद्योगिक आस्थानों में वायु गुणवत्ता जांच रिपोर्ट तैयार कराने को कहा था। लेकिन इस कार्य के लिए नीरी ने करीब 67 लाख रुपये की डिमांड यूपीसीडा क्षेत्रीय कार्यालय से की थी। वहीं, यूपीसीडा द्वारा सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर होने वाली एयर इंपेक्ट स्टडी को जरूरी धनराशि अभी तक नीरी को उपलब्ध नहीं कराई है। यही कारण है कि घोषित औद्योगिक क्षेत्र में वायु की गुणवत्ता खराब करने वाले कारकों की जांच का काम अधर में लटका है।
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250 इकाइयों की क्षमता वाले आस्थान में 150 इकाइयां संचालित-
जलेसर रोड स्थित औद्योगिक आस्थान में 250 इकाइयों की क्षमता है। लेकिन वर्तमान में आस्थान में करीब 150 इकाइयां ही उत्पादन प्रक्रिया में हैं।

वायु गुणवत्ता जांच के लिए नीरी को 67 लाख रुपये दिए जाने हैं। जरूरी बजट के लिए निदेशालय को डिमांड भेजी है। बजट जारी होते ही आगे की कार्रवाई की जायेगी।
सीके मौर्या क्षेत्रीय अधिकारी यूपीसीडा
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