देश विदेश में अपना अलग पहचान बनाने वाली सुहाग नगरी के साथ रेल मंत्रालय
द्वारा सौैतेला व्यवहार किया जा रहा है। रेल मंत्रालय ने जो सुविधाएं
यात्रियों के लिए मुहैया कराई हैं, उनकी स्थिति वर्तमान में काफी दयनीय है।
ऐसे में यात्रियों को परेशानियों के साथ जान हथेली पर रखकर यात्रा करने के
लिए विवश होना पड़ रहा है। आदर्श स्टेशन का सपना अभी तक अधूरा है।
विभाग द्वारा यात्रियों के बैठने के लिए प्लेटफार्म नंबर एक व दो
के बीच प्रतिक्षालय का निर्माण कराया गया लेकिन रखरखाव के अभाव में यह
खस्ताहाल है। मेज टूटी पड़ी है गेट भी गायब था। पंखे बंद थे, तो लाइटें भी
खराब। इससे रात के समय प्रतिक्षायलय में बैठकर ट्रेन का इंतजार करना कितना
सुरक्षित हो सकता है। जबकि रेल मंत्रालय द्वारा इन समस्याओं का निस्तारण दो
वर्ष पूर्व ही कर दिया है।
आधी आबादी के लिए भी संजीदा नहीं है विभाग
रेल
विभाग के अधिकारी आधी आबादी के लिए बनवाए गए प्रतिक्षालय में दिन के समय
भी ताला लगा हुआ था। ऐसे में महिला यात्रियों के साथ छात्राओं और युवतियों
को आम नागरिकों के बीच बैठने के लिए विवश होना पड़ रहा था।
इन ट्रेनों के प्रस्ताव को लेकर चल रही है मांग
सुपर
फास्ट पूर्वा एक्सप्रेस, वैैशाली, जोधपुर हावड़ा, मरुधर एक्सप्रेस ट्रेनों
के ठहराव की मांग लंबे समय से चली आ रही है। लेकिन विभाग ने इस ओर कोई
ध्यान नहीं दिया। इन ट्रेनों के ठहराव से बिहार और जयपुर जाने वाले
व्यापारियों को राहत मेहसूस होगी और आर्थिक नुकसान के साथ समय की भी बचत
होगी।
देश विदेश में अपना अलग पहचान बनाने वाली सुहाग नगरी के साथ रेल मंत्रालय
द्वारा सौैतेला व्यवहार किया जा रहा है। रेल मंत्रालय ने जो सुविधाएं
यात्रियों के लिए मुहैया कराई हैं, उनकी स्थिति वर्तमान में काफी दयनीय है।
ऐसे में यात्रियों को परेशानियों के साथ जान हथेली पर रखकर यात्रा करने के
लिए विवश होना पड़ रहा है। आदर्श स्टेशन का सपना अभी तक अधूरा है।
इलेक्ट्रानिक सामान के विक्रेता ठा. शीलेंद्र सिंह की माने
तो रेल विभाग यात्रियों की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं देता। त्योहार से
पूर्व यात्रियों की संख्या में कई गुना इजाफा हो जाता है। लेकिन कोच की
संख्या आम दिनों की तरह ही होती है। ऐसे में यात्रियों को जान हथेली पर
रखकर यात्रा करने के लिए बाध्य होना पड़ता है।
कपड़ा व्यापारी अनिल
गुप्ता की माने तो ट्रेन के अंदर आए दिन अपराधिक घटनाएं होती हैं। इसका
प्रमुख कारण जीआरपी और आरपीएफ की लापरवाही है। इसके लिए ट्रेनों के अंदर
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के साथ ही अन्य जनरल और आरक्षण कोच की संख्या में
इजाफा करना चाहिए।
लंबित हैं शासन को भेजे गए प्रस्ताव
दिल्ली हावड़ा रेल मार्ग की पुलियाें का निर्माण।
ब्रांच लाइन शिकोहाबाद-फर्रुखाबाद तक की पुलिया।
भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्लानिंग।
दिल्ली हावड़ा मार्ग के प्रत्येक क्रासिंग पर ओवर ब्रिज निर्माण का प्रस्ताव।
ब्रांच लाइन पर स्थित क्रासिंग पर अंडर ग्राउंड ब्रिज।