शिकोहाबादफोटो-201-जेएस यूनिवर्सिटी से परीक्षा देकर लौटते छात्र-छात्राएं। स्रोत संवाद
शिकोहाबाद। जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता समाप्त करने की खबर से यूनिवर्सिटी में अध्यन्नरत विद्यार्थियों के मन में कई सवाल उमड़ने लगे हैं। जिनका यूनिवर्सिटी प्रशासन से अभी विद्यार्थियों को संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका है। ऐसे में विद्यार्थियों में भी इस खबर से खलबली मची हुई है।
राजस्थान की पीटीआई भर्ती प्रक्रिया में फर्जी डिग्रियों का मामला प्रकाश में आने के बाद से शिकोहाबाद की जेएस यूनिवर्सिटी का नाम सुर्खियों में आया था। इस मामले की जांच कर रही राजस्थान के जयपुर एसओजी/एसआईटी की टीम ने दस्तावेज सत्यापन में मिली खामियों के आधार पर जेएस यूनिवर्सिटी पर निशाना साधा था। एसओजी की टीम ने कुलाधिपति एवं रजिस्ट्रार को आरोपी ठहराते हुए जेल भेज दिया है। उस दौरान दस्तावेज सत्यापन में जेएस यूनिवर्सिटी की 203 में से 202 डिग्रियां फर्जी मिली थीं।
मात्र एक डिग्री ही दस्तावेज सत्यापन में सही पाई गई थी। उस दौरान हुई कार्रवाई के बाद अब यूपी कैबिनेट में जेएस यूनिवर्सिटी की मान्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। जिसके चलते अब डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा इस यूनिवर्सिटी का संचालन करेगी। इस फैंसले के सुर्खियों में आने के बाद यूनिवर्सिटी में अध्यन्नरत विद्यार्थियों में भी खलबली मची हुई है। अधिकांश छात्र-छात्राएं कैमरे पर बोलने से बचते नजर आ रहे हैं। परीक्षा देकर लौट रहे कुछ विद्यार्थियों ने कैमरे पर अपनी बात रखी।