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कबाड़ गोदाम में लगी आग, लाखों का नुकसान

Mon, 17 Apr 2017 10:31 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
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कबाड़ गोदाम में लगी आग, लाखों का नुकसान - फोटो : अमर उजा‍ला
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सोमवार सुबह नगर की सब्जी मंडी स्थित कबाड़ गोदाम में भीषण आग लगने से दो झोंपड़ियां व आधा दर्जन सब्जी की दुकानें जलकर राख हो गई। आग लगने पर लोगों में अफरा-तफरी मच गयी। झोंपड़ियों में रह रहे लोगों की चीखपुकार पर लोग आग बुझाने में जुट गए। मौके पर पहुंची टूंडला व फीरोजाबाद की फायरब्रिगेड में आग पर काबू पाया।
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 घोसिया स्थित कृष्णा पुरम कालोनी निवासी अली बख्श पुत्र इमाम बख्श का स्टेशन रोड पर सब्जीमंडी के निकट कबाड़ का गोदाम है। सोमवार सुबह करीब पांच बजे अज्ञात कारणों से कबाड़ गोदाम में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। गोदाम में आग लगने पर उठे धुआं व आग की लपटें देख आसपास के लोग एकत्रित हो गए। देखते ही देखते आग ने पास ही बनी झोंपड़ियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। उनमें रहने वाले लोगों में चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण बच्चों को सुरक्षित कर व सामान बचाने का प्रयास किया। सूचना पर तीन फायरब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंची। करीब डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू पाया।  यहीं पर राबिया पत्नी छोटे खां के परिवार रहता है। राबिया की पांच संतानें शकील, रुबीना, मुस्कान, नाजिया व वकील हैं। मुस्कान की 20 अप्रैल की शादी है। शादी के लिए उन्होंने बर्तन, कपड़े, टीवी आदि सामान के अलावा नकदी भी रखी थी। लेकिन सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। ऐसे में उसकी बेटी की शादी कैसे होगी। आग में राबिया पत्नी छोटे खां व गुड्डन पुत्र विक्रम खान उर्फ मुनुआ के बच्चे आग में जलने से बाल-बाल बच गए। उनकी झोंपड़ी व उनमें रखा सामान, नगदी जलकर राख हो गई।
 
झोंपड़ियों से उठी चिंगारी ने सब्जी मंडी की दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। सब्जी मंडी में लगी आग में शांति प्रसाद माहौर, मुस्तकीम, मुन्ना लाल, अकबर खान, अशरफ अली, जाहिद अली की सब्जी की दुकानें भी जलकर राख हो गई। अली बख्श ने बताया कि कबाड़ गोदाम में करीब ढाई लाख का नुकसान बताया है। वहीं झोंपड़ियां जलने से शादी वाले परिवार व सब्जी विक्रेताओं का भारी नुकसान हुआ है।
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....रात में आग लगती तो होता भीषण हादसा
टूंडला ब्यूरो। सुबह जिन घरों में आग लगी वे जाग गए थे तथा घरों के बाहर ही थे। अगर यह आग रात में लगती तो भीषण होता। क्योंकि रात में वे घरों के अंदर सो रहे होते। जब तक आग लगने का पता चलता परिवार के बच्चे व अन्य लोग हादसे का शिकार हो सकते थे।

तहसील प्रशासन ने की खाने-पीने की व्यवस्था
टूंडला ब्यूरो। कबाड़ गोदाम से जलीं झोंपड़ियों में रह रहे लोगों की मदद के लिए तहसील प्रशासन आगे आया। एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल धर्मेंद्र यादव ने पीड़ित परिवारों को खाने-पीने के सामान की व्यवस्था कराई। इसके साथ ही अन्य लोगों ने भी पहुंचकर सहायता प्रदान की।

आग कैसे लगी इसकी जांच कराई जा रही है। पीड़ितों को तत्काल राशन आदि की व्यवस्था करा दी गई है। आग में नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट भेजी जा रही है। नियमानुसार सरकार से प्रदत्त आर्थिक मदद दोनों परिवारों को दी जाएगी। सब्जी विक्रेताओं को मंडी समिति की ओर से सहायता दी जाएगी।
संगमलाल यादव, उपजिलाधिकारी, टूंडला

आग में जलकर राख हो गए शादी के अरमान
बड़े अरमान से बेटी की शादी का सामान जमा किया। सोचा था कि बड़ी धूमधाम से बेटी के हाथ पीले करेंगे लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। परिवार के अरमान कबाड़ गोदाम में लगी आग में जलकर राख हो गए। अब परिवारीजन सोच रहे हैं कि 20 अप्रैल को होने वाली शादी कैसे होगी।

कबाड़ गोदाम से जली दो झोंपड़ियों में राबिया पत्नी छोटे खां के परिवार को रोते हुए बुरा हाल था। राबिया की पांच संतानें शकील, रुबीना, मुस्कान, नाजिया व वकील हैं। मुस्कान की 20 अप्रैल की शादी है। आगरा से उसकी बारात आनी है। राबिया ने बताया कि उसकी शादी के लिए उन्होंने बर्तन, कपड़े, टीवी आदि सामान ले रखा था। इसके साथ ही नगदी की व्यवस्था की थी, लेकिन सब कुछ आग की भेंट चढ़ गया। ऐसे में उसकी बेटी की शादी कैसे होगी।
 
वहीं उसके बगल में ही रह रहे गुड्डन का परिवार का हाल भी बुरा था। गुड्डन ने बताया कि उसके बच्चे चांदनी, हिना व नेहा बाल-बाल बचे। उसने बताया कि जो पहने थे वे कपड़े बचे थे। न सोने के कपडेे, न खानेपीने का सामान। यही नहीं आग में वर्तन आदि सब कुछ जल गया। गुड्डन के मुताबिक करीब 11 हजार रुपये की नगदी जल गई। गुड्डन का आरोप था कि प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की है। लोग खाने पीने दे गए हैं, किंतु सोने आदि के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।

लोगों ने दी सांत्वना व आर्थिक मदद
टूंडला ब्यूरो।
 आग लगने से तबाह हुए लोगों की मदद करने के लिए कुछ लोग आगे अए। समाजसेवियों ने शासन व प्रशासन से मदद देने का आश्वासन दिया। वहीं कुछ ने वर्तन, कपड़े व आर्थिक मदद भी दी।
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