फिरोजाबाद। नगर निगम में ठेकेदारों के बकाए भुगतान और रिश्वत के आरोपों को लेकर एक्सईएन बिजेंद्र पाल सिंह और पार्षदों के बीच हुए विवाद में थाना उत्तर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली है। एक्सईएन की तहरीर पर पुलिस ने 24 अगस्त को दफ्तर में घुसकर काम रोकने, अभद्रता करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में सपा पार्षद सुभाष यादव (वार्ड 44), शारिक सलीम (वार्ड 57) और भाजपा पार्षद मुनेंद्र यादव (वार्ड 25) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
थाना उत्तर पुलिस को दी गई लिखित शिकायत में एक्सईएन बिजेंद्र पाल सिंह मूल निवासी पूठखास, मेरठ ने बताया कि 24 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे वे अपने कार्यालय में शासकीय कार्य निपटा रहे थे। इसी दौरान वार्ड 44 के सपा पार्षद सुभाष यादव, वार्ड 57 के सपा पार्षद शारिक सलीम और वार्ड 25 के भाजपा पार्षद मुनेंद्र यादव दफ्तर में दाखिल हुए और सरकारी काम में व्यवधान डालने लगे। एक्सईएन का आरोप है कि विरोध करने पर तीनों पार्षदों ने उग्र होकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जहां से आए हो, वहीं भेज दूंगा... कहते हुए जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी सिटी रविशंकर प्रसाद का कहना है कि नगर निगम के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बकाए भुगतान और रिश्वत के आरोपों पर भड़का था विवाद
बीते सोमवार को ठेकेदारों के बकाए भुगतानों की पैरवी में पार्षद मुनेंद्र यादव, अभिनेंद्र यादव, सुभाष यादव, ऊषा शंखवार और सुनील मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधि नगर निगम पहुंचे थे। पार्षदों ने महापौर व नगर आयुक्त प्रशांत नागर के नाम कंट्रोल रूम में शिकायती पत्र सौंपकर निर्माण विभाग पर फाइलों को पास करने के एवज में रिश्वत (सुविधा शुल्क) मांगने का सीधा आरोप लगाया था। शिकायत के बाद वार्ड 45 के पार्षद प्रतिनिधि सुनील वर्मा और अन्य पार्षद एक्सईएन बिजेंद्र पाल सिंह के कक्ष में पहुंचे, जहां वार्ता के दौरान दोनों पक्षों में तीखी बहस और नोकझोंक हो गई थी। कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर मामला संभाला था। तब एक्सईएन ने सफाई दी थी कि कुछ पार्षद बिना नियमानुसार जांच के पुराने भुगतानों को तुरंत स्वीकृत कराने का अनैतिक दबाव बना रहे थे और रिश्वत के सभी आरोप निराधार हैं।