फिरोजाबाद। सूक्ष्म एवं लघु स्तर की इकाइयों के प्रोत्साहन में उद्योग विभाग की योजनाएं सहारा बन रहीं हैं। विभाग द्वारा तीन प्रमुख योजनाओं के जरिए 43 इकाइयों को करीब एक करोड़,95 लाख रुपये की वित्तीय मदद (सब्सिडी) जारी की गई।
उद्योग विभाग द्वारा कांच व अन्य श्रेणी की हस्तशिल्प इकाइयों को शासन की योजनाओं के तहत वित्तीय मदद दी जाती है। शुरुआती दौर में वित्तीय संसाधन का टोटा दूर करने के लिए हस्तशिल्प प्रोत्साहन योजना,ओडीओपी टूल्स एवं माल भाड़ा अनुदान योजना संचालित हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक तीन प्रमुख योजनाओं के जरिये 43 इकाइयों व हस्तशिल्पियों को करीब एक करोड़, 95 लाख की रुपये की सब्सिडी जारी की जा चुकी है। जबकि निकट भविष्य में पात्रता श्रेणी वाले हस्तशिल्पियों व इकाइयों से आवेदन मांगे जा रहे हैं।
योजना एवं हस्तशिल्प इकाइयों को जारी सब्सिडी
हस्तशिल्प विपणन योजना
मेला-प्रदर्शनी में स्टॉल लगाने वाले हस्तशिल्पी व उद्यमियों को स्टॉल खर्च और यात्रा भाड़ा पर खर्च धनराशि पर छूट दी जाती है। योजना के तहत इस साल हस्तशिल्प विपणन प्रोत्साहन योजना 14 लाख रुपये की सब्सिडी जारी की गई।
ओडीओपी प्रोत्साहन योजना
कलात्मक कांच आयटम एवं चूड़ी बनाने वाले कामगारों व सुक्ष्म उत्पादन इकाइयों को जरूरी संसाधन जुटाने को कुल लागत पर 30 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है। इस साल योजना के जरिए 60 लाख रुपये की सब्सिडी जारी की गई।
माल भाड़ा अनुदान योजना
विदेशों में निर्यातित कांच आयटम को गेट वे पोर्ट तक पहुंचाने पर लगने वाले माल भाड़ा पर उद्योग विभाग द्वारा निर्यातकों व उद्यमियाें को सब्सिड़ी दी जाती है। इस साल 22 इकाइयों को कुल एक करोड़,25 लाख रूपये की सब्सिडी जारी की गई।
औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने एवं सुक्ष्म व लघु इकाइयों को वित्तीय मदद को कई योजना हैं। इस साल कुल 43 इकाईयों को 1.95 करोड़ की अनुदान राशि जारी की गई है। - संध्या सिंह, उपायुक्त उद्योग