फिरोजाबाद। थाना टूंडला क्षेत्र के गांव जरौली कलां में खाद की रिपैकिंग और अवैध भंडारण के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यहां एक खाली प्लॉट और टिनशैड में ब्रांडेड अमोनियम सल्फेट को सादा सफेद बोरियों में पलटा जा रहा था। डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी ने ट्रक चालक, कंपनी संचालक और खाद मंगाने वालों सहित चार लोगों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
कृषि अधिकारी सुमित कुमार चौहान ने बताया कि सूचना मिली थी कि जरौली कलां स्थित एक गोदाम में यूरिया/अमोनियम सल्फेट खाद को नामचीन कंपनियों की बोरियों से निकालकर बिना ब्रांड वाली सफेद बोरियों में भरा जा रहा है। पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर एक ट्रक को पकड़ा, जिसे एफएच मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी पर खड़ा किया गया। जांच के दौरान ट्रक में ओस्तवाल फर्टीकेम इंडिया लिमिटेड की अमोनियम सल्फेट की 490 सीलबंद बोरियां मिलीं।
मौके से मिली सिलाई मशीन और 1200 खाली कट्टे पकड़े और जब पड़ताल की, तो वहां अवैध रिपैकिंग के पुख्ता सबूत मिले। 1200 खाली सफेद बोरियां (इनमें खाद भरी जानी थी)। एक सिलाई मशीन और सात धागे के गुच्छे बरामद हुए। 200 बोरियां पहले ही पलटी जा चुकी थीं, अवैध रूप से रिपैकिंग कर खाद को ऊंचे दामों पर या मिलावट कर बेचने की योजना थी।
इन पर प्राथमिकी दर्ज
अग्रवाल एंटरप्राइज (बाराबंकी): खाद भेजने वाली फर्म।
नितिन अग्रवाल (फिरोजाबाद): खाद प्राप्त करने वाला मुख्य आरोपी।
अंकित गुप्ता (जरौली कलां): ट्रक को गांव में मंगवाने वाला व्यक्ति। अर्जुन उर्फ अंशुल: ट्रक चालक।
आगरा की फर्म न्यू अग्रवाल बिजनेस हाउस के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है।
किसानों के हक पर डाका डालने वाले खाद माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। बिना किसी साक्ष्य के खाद की रिपैकिंग करना गंभीर अपराध है। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
- सुमित कुमार चौहान, जिला कृषि अधिकारी