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बेटे की मौत का सदमा सह न सके पिता: तीन दिन में घर से उठीं दो अर्थी, परिवार का दुख देख हर कोई रो पड़ा

Wed, 28 Oct 2026 07:52 PM IST
Arun Parashar संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद

सार

जवान बेटे की माैत की खबर से पिता को गहरा सदमा लगा। कैंसर से जूझ रहे पिता की तबीयत बिगड़ गई। उपचार के दाैरान उनकी माैत हो गई।  तीन दिन में एक ही घर से बेटे और पिता की अर्थी उठीं तो हर कोई रो पड़ा।
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गंभीर सिंह का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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फिरोजाबाद के नसीरपुर थाना क्षेत्र के गांव छटनपुर में 25 अक्तूबर की रात हुए भीषण कार हादसे के घाव अभी भरे भी नहीं थे कि इस दर्दनाक त्रासदी से लोगों को झकझोर देने वाली एक और कड़ी जुड़ गई। सड़क हादसे में काल के गाल में समाए युवक हरीश के पिता गंभीर सिंह यादव की भी मौत हो गई। वह लखनऊ में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे थे। अपने जवान बेटे की मौत का सदमा बर्दाश्त नहीं कर सके। उपचार के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
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25 अक्तूबर की रात करीब साढ़े आठ बजे गांव की सड़क किनारे झांझी-टेसू की शादी की रस्म के बाद विसर्जन करवा रहे ग्रामीणों को बटेश्वर की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने रौंद दिया था। इस घटना में शिशुपाल सिंह की तीन बेटियों आकांक्षा, अंजलि और गुन्नू, चचेरी बहन दीपिका उर्फ बबली तथा युवक हरीश की मौके पर ही मौत हो गई थी। हरीश की मौत की दुखद खबर जैसे ही लखनऊ में उपचाराधीन उनके कैंसर पीड़ित पिता गंभीर सिंह तक पहुंची उनकी तबीयत अचानक और बिगड़ गई। उन्होंने भी मंगलवार रात को दम तोड़ दिया। भतीजे नीरज कुमार के मुताबिक बुधवार सुबह गंभीर सिंह का पार्थिव शरीर गांव छटनपुर पहुंचा। जहां गमगीन माहौल में सुबह करीब दस बजे उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया।

 
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अंतिम संस्कार में शामिल हुए सपा नेता
इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलने पर समाजवादी पार्टी के पूर्व एमएलसी डॉ. दिलीप यादव, जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह यादव, रामसेवक यादव और राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री अशोक यादव गांव छटनपुर पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजन को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव मदद और शासन स्तर पर मुआवजा दिलाए जाने का आश्वासन दिया।

घर से तीन दिन में उठीं दो अर्थी
हरीश के घर से तीन दिन मे दो अर्थी उठीं। परिवार का दुख देख लोगों की आंखें भी नम हो गईं। 25 अक्तूबर को हादसे में हरीश की माैत के बाद 26 अक्तूबर को उनके शव का अंतिम संस्कार किया गया था। मंगलवार रात बेटे की माैत के 48 घंटे बाद ही पिता ने भी दम तोड़ दिया। 28 अक्तूबर को गांव में पिता शव का अंतिम संस्कार किया गया। एसडीएम शिकोहाबाद राजेश शुक्ला ने बताया कि लखनऊ में कैंसर का उपचार करवा रहे मृतक हरीश के पिता गंभीर सिंह यादव ने भी उपचार के दौरान दम तोड़ दिया है। उनके शव का गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया है। 

 
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हादसे में हरीश समेत पांच की हुई थी माैत
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद-बटेश्वर मार्ग स्थित गांव छटनपुरा में रविवार रात को हुए हादसे से हाहाकार मच गया था। टेसू-झांझी का ब्याह कराने के बाद विसर्जन करने जा रहे बच्चों, महिलाओं, युवाओं की टोली को बटेश्वर की ओर से आ रही अनियंत्रित कार 17 लोगों को रौंदती हुई चली गई। चार बहनों समेत पांच लोगों की मौत हो गई जबकि 12 अन्य घायल हो गए थे। ग्रामीणों ने भागती कार को ट्रैक्टर लगाकर पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार थाना नसीरपुर इलाके के गांव छटनपुरा के महिला-पुरुष एवं बच्चे टेसू-झांझी की शादी की रस्में अदा करने शिकोहाबाद बटेश्वर रोड पर गए हुए थे। रात करीब 9 बजे जब सभी लोग पूजा करने के लिए सड़क किनारे बैठे थे] तभी अचानक बटेश्वर की ओर से आ रही कार ग्रामीणों को रौंदती हुई आगे बढ़ गई। हादसा होते ही चीखपुकार मच गई। घायल सड़क पर तड़पने लगे। हादसे के बाद ग्रामीणों ने कार का पीछा किया और थोड़ी दूर पर ट्रैक्टर को खड़ा करके रास्ता बंद कर दिया। तभी कार सवारों ने ट्रैक्टर में टक्कर मार दी। हादसे में शिशुपाल की दो पुत्रियों आकांक्षा (17), अंजलि (15) और उनकी चचेरी बहन दीपिका (19) पुत्री ब्रजेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि शिशुपाल की तीसरी बेटी गुन्नू (10) ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। गांव के हरीश (26) पुत्र गंभीर ने शिकोहाबाद अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायलों में श्रेषा देवी (62) मोहिनी (2), पूजा देवी (26), सपना (2), चंद्रवीर (55), उमाशंकर (40), धीरज (30), सोनू (30), मयंक (11) सहित 12 लोग घायल हो गए। 

 
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