फिरोजाबाद में 4 मई को बेटी की बरात आनी थी। पिता बारिश में भी अपने काम में जुटे हुए थे। लेकिन क्या पता थी कि बेटी की डोली उठने से पहले ही पिता की अर्थी उठ जाएगी। पिता ने इकलौती बेटी की शादी के लिए कई सपने संजोए थे।
गांव पवरई निवासी 47 वर्षीय जयदयाल ने अपनी इकलौती बेटी मनोरमा की शादी एका के ही गांव नगला धारा निवासी दिलीप के साथ तय की थी। 4 मई को बरात आनी थी। परिवार के सभी लोग शादी की तैयारी में जुटे थे। पिता भी हर कमी को पूरा करने के लिए मेहनत करने में जुटे थे।