फिरोजाबाद के थाना उत्तर पुलिस ने आगरा के ट्रांसपोर्ट कारोबारी बालमुकुंद दुबे की हत्या के मामले में मंगलवार को मुख्य आरोपी गजेंद्र सिंह और उसके बेटे नितिन को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की गहन पूछताछ में इस हत्या के पीछे केवल व्यापारिक रंजिश ही नहीं, बल्कि जमीन का विवाद और एक बाहरी कारोबारी व्यक्ति द्वारा घोली गई कड़वाहट की कहानी भी सामने आई है। हत्यारोपियों से वारदात में प्रयुक्त डंडा भी बरामद हुआ है। इन दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है।
सीओ सिटी प्रवीण तिवारी ने बताया कि आगरा के महावीर नगर, ट्रांस यमुना कॉलोनी निवासी ट्रांसपोर्टर बालमुकुंद दुबे की 4 जनवरी को हत्या की गई थी। इस संबंध में थाना उत्तर पुलिस के इंस्पेक्टर अंजीश कुमार सिंह की टीम ने मंगलवार दोपहर करीब 12:50 बजे कोटला रोड स्थित नगला पान सहाय के सामने से बालमुकुंद के ट्रांसपोर्ट कारोबार में साझेदार एवं मुख्य हत्यारोपी गजेंद्र सिंह मूल निवासी कानपुर देहात, हाल निवासी ककरऊ कोठी, फिरोजाबाद और उसके बेटे नितिन को गिरफ्तार किया है। गजेंद्र सिंह की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद किया गया है।
गजेंद्र बोला, हत्या नहीं था इरादा, बालमुकंद के गंभीर घायल होने पर घबरा गए थे
पुलिस पूछताछ में गजेंद्र सिंह ने कहा कि बालमुकुंद को हत्या के इरादे से नहीं पकड़ा था। यह घटना मारपीट के दौरान बालमुकुंद के अधिक चोट लगने के कारण अधिक गंभीर हो गई। घायल बालमुकुंद को देख वह घबरा गए थे। इसके बाद बेटा अंकुश, जो कि अभी तक फरार है, वह बालमुकुंद को कैंटर में डालकर नारखी की ओर ले गया था और कैंटर व बालमुकुंद को छोड़कर फरार हो गया था।
पुलिस को गजेंद्र ने यह भी बताया है कि बालमुकुंद और उसके बीच पिछले 30 वर्षों से साझेदारी थी, लेकिन छह साल पहले जुड़े एक अन्य कारोबारी मित्र ने दोनों के बीच मतभेद और कड़वाहट पैदा करने का काम किया। आगरा में खरीदी गई दो बीघा जमीन भी इस विवाद की जड़ थी। इस बेशकीमती जमीन पर अधिकार को लेकर लंबे समय से तनातनी चल रही थी। माल भाड़े के विवाद के बाद बालमुकुंद ने अपनी गाड़ियों का माल साझा फर्म के बजाय अन्य एजेंसियों को देना शुरू कर दिया, जिससे वह और अधिक नाराज हो गया था।
अंकुश के गुजरात भागने का शक, पुलिस जांच में जुटी
पुलिस जांच के अनुसार, हत्याकांड में शामिल गजेंद्र का दूसरा बेटा अंकुश गिरफ्तारी से बचने के लिए गुजरात भाग गया है। पुलिस ने सर्विलांस के जरिए उसकी सटीक लोकेशन हासिल करने में जुट गई है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।