प्रशासन की वादा खिलाफी के खिलाफ किसान लामबंद हो रहे हैं। भाकियू भानु ने आगामी तीन फरवरी को विशाल जनआंदोलन का एलान किया है। भाकियू भानु के प्रदेश अध्यक्ष ओम प्रताप सिंह ने तैयारियों का जायजा लेते हुए कहा है कि इस आंदोलन में प्रदेश के लगभग 10 हजार किसान भाग लेंगे।
उन्होंने धरना-प्रदर्शन स्थल का स्थलीय निरीक्षण करते हुए कहा कि बिजली, पानी, सड़क और ओलावृष्टि के मुआवजे को लेकर विगत तीन जून 2015 को हजारों किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया था। धरना स्थल पर डीएम फीरोजाबाद और एडीएम एटा ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन देकर धरना-प्रदर्शन समाप्त कराया था लेकिन किसी भी समस्या का समाधान नहीं कराया गया। किसानों का हर स्तर पर शोषण किया जा रहा है। उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराते हुए रिकवरी जारी की जा रही है, जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश मुख्यमंत्री अखिलेश यादव कह रहे हैं कि किसानों को बकाया विद्युत बिल होने पर भी कनेक्शन नहीं काटे जाएंगे और न ही रिकवरी निकाली जाएगी लेकिन प्रशासन किसानों का उत्पीड़न कर रहा है। नहरों, रजबहों में पानी नहीं आ रहा। टीटीजेड क्षेत्र होने के बावजूद किसानों को मात्र-सात-आठ घंटे विद्युतापूर्ति दी जा रही है। प्रदेश प्रभारी पवन ठाकुर ने कहा कि ऐसे में किसान चुप नहीं बैठेगा। भारतीय किसान यूनियन भानु के नेतृत्व में आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। किसानों की समस्याओं के तत्काल निराकरण के लिए भाकियू भानु तीन फरवरी को पुन: विशाल जनआंदोलन करेगी। उन्होंने किसानों से समस्याओं के निराकरण के लिए अधिक से अधिक संख्या में आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया है।
फोटो-टूंडला के गांव इमलिया-उम्मरगढ़ में किसान जनआंदोलन के लिए जमींन समतल कराते भाकियू भानु के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रताप सिंह व प्रदेश प्रभारी पवन ठाकुर