थाना नगला सिंघी क्षेत्र के गांव टीकरी में बरसात व ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसल को देख एक और किसान हरिश्चंद्र सदमे में आ गया। परिवारीजन उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाते तब तक उनकी मौत हो गई। वहीं बुधवार को इसी गांव के किसान नीरज ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
बताते चलें कि गांव टीकरी निवासी किसान नीरज पौनियां बरसात व ओलावृष्टि से हुई फसल बर्बाद के सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सका था। उसे तुरंत ही प्राइवेट चिकित्सक और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया। वहां से आगरा रेफर कर दिया। बुधवार को उनकी आगरा में मौत हो गई। परिवारीजनों ने शाम को शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इसी बीच गांव के ही हरिश्चंद्र यादव 65 पुत्र गीतम सिंह यादव की हालत बिगड़ गई। उनके पुत्र महेश व गोपाल ने बताया कि उन्होंने 18 बीघा में गेहूं और 12 बीघा में आलू की फसल की थी। बारिश और ओलावृष्टि से फसल बर्बाद हो गई। यही नहीं कृषि रक्षा इकाई से ली गई दवा से भी आलू खराब हो गया था। इससे उनके पिता सदमे में थे। गांव के नीरज की मौत के बाद वह और डिप्रेशन में आ गए। बुधवार रात को हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया वहां उन्होंने दम तोड़ दिया। हरिश्चंद्र के छह पुत्र व दो पुत्रियां हैं। पुत्रियों की शादी हो चुकी है। उनका परिवार खेती पर ही निर्भर थे। एक के बाद एक दो किसानों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
बीमारी से मरने वाले किसान फसल बर्बाद होने का बहाना ले रहे हैं। लेखपाल की रिपोर्ट के अनुसार नीरज पौनियां पहले से बीमार था। उसकी मौत कैसे हुई है, इसकी वे स्वयं जांच करने गांव जाएंगे। दूसरे किसान की मौत की जानकारी मिली है, उसकी भी स्वयं गांव पहुंचकर जांच करेंगे।
श्रीराम यादव, उपजिलाधिकारी, टूंडला