फिरोजाबाद। खाने-पीने की वस्तुओं में कोई मिलावट तो नहीं या खाने की चीज की गुणवत्ता कैसी है, इसकी जांच के लिए खाद्य विभाग की वैन बृहस्पतिवार को जनपद में पहुंची। टीम ने चांट और कचौड़ी की दुकानों पर प्रयोग हो रहे तेल की गुुणवत्ता को परखा। इसमें 20 नमूने फेल साबित हुए। टीम ने टूंडला, फिरोजाबाद, सिरसागंज और शिकोहाबाद में खाद्य पदार्थों की जांच की।
खाद्य विभाग की वैन फिरोजाबाद शहर में दोपहर को पहुंची। यहां पर टीम ने अलग-अलग स्थानों से 18 नमूने संकलित किए। इसमें गांधी पार्क चौराहे स्थित एक मशहूर कचौड़ी की दुकान, चंद्रवार गेट स्थित एक कचौड़ी भंडार और सुहागनगर से एक मिष्ठान भंडार से प्रयोग किए जाने वाले तेल का नमूना लिया। जांच में यह नमूने फेल पाए गए। इन तेल का उपयोग कई बार किया जाता था। बस स्टैंड स्थित एक कचौडी की दुकान पर लाल मिर्च का नमूना जांच में जहरीला पाया गया। टीम ने इस मिर्च के स्टॉक को नष्ट कराया। टीम ने टूंडला में 10 खाद्य पदार्थों के लिए नमूने लिए।
जिसमें पांच नमूने फेल पाए गए। शिकोहाबाद में 10 में से सात नमूने फेल मिले। इसी तरह सिरसागंज में भी खाद्य पदार्थों की जांच की गई। यहां 14 में से चार नमूने फेल पाए गए। मुख्य खाद्य सुरक्षाधिकारी बीएस कुशवाहा ने बताया कि लोगों को जागरुक करने के उद्देश्य से खाद्य विभाग की वैन जनपद में आई। कई नमूने जांच में फेल पाए गए हैं।