फिरोजाबाद। परिषदीय स्कूलों की किताबों में महापुरुषों की जयंती या पुण्यतिथि को लेकर असमंजस बना हुआ है। छात्र तो संशय में पड़ जाते हैं। साथ ही शिक्षक भी भ्रमित होने लगते हैं। जय जवान-जय किसान का नारा देने वाले भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि देशभर में मनाई गई। किंतु शिक्षक जब सरकारी किताबों से पढ़ाने लगे तो पुण्यतिथि को लेकर भ्रमित हो गए।
परिषदीय स्कूल कक्षा छह की महान व्यक्तित्व किताब में लालबहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि 10 जनवरी अंकित है जबकि शिक्षकों ने अन्य किताबों और इंटरनेट पर देखा तो 11 जनवरी अंकित था। छात्रों को उनके जीवन के बारे में जानकारी देते समय कई शिक्षकों ने इसे सही करा दिया तो कई शिक्षक बिना पुण्यतिथि बताए ही आगे बढ़ गए। बीएसए अरविंद पाठक ने कहा कि हम देखते हैं कि पुण्यतिथि क्या प्रकाशित है। अगर गलत अंकित है तो उसे संशोधित कराने के लिए शिक्षकों और प्रकाशकों को भी कहेंगे।