लोहिया गांव की गलियों में सीसी का काम अब अधूरा नहीं रहेगा। वित्तीय वर्ष 2015-16 में भेजे सीसी निर्माण की कार्ययोजना को वापस भेजकर आरईएस से रिवाइज कार्ययोजना मांगी है। जिससे सभी गलियों को सीसीयुक्त बनाया जा सके। शासन का आदेश आने के साथ ही विभाग ने दोबारा से सत्यापन प्रारंभ कर दिया।
डा. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम्य विकास योजना के तहत प्रतिवर्ष जिले के 24 गांवों का चयन कर प्रत्येक गांव का संपूर्ण विकास कार्य कराया जाता है। इन गांवों की गलियों में सीसी निर्माण को 30 से लेकर 40 लाख रुपया तक आवंटित किया जाता है। इससे अधिक धनराशि नहीं दिए जाने के कारण अधिकांश गांवों में गलियां अधूरी रह जाती हैं। इसके कारण करोड़ों रुपया खर्च करने के बावजूद गांव का संपूर्ण विकास हुआ ऐसा कुछ दिखाई नहीं देता। वित्तीय वर्ष 2015-16 के लोहिया गांवों के विकास की कार्ययोजना बनाकर शासन को भेज दी गई थी। लेकिन शासन ने लोहिया गांवों की हालत खराब होने के कारण गलियों में सीसी निर्माण कराने को रिवाइज कार्ययोजना भेजने के निर्देश दिए हैं। सीडीओ सुजीत कुमार ने कहा लोहिया गांवों की गलियों में सीसी के निर्माण को अभी तक 30 से 40 लाख रुपया प्रति गांव के हिसाब से मिलता था। लेकिन शासन ने नया प्रारूप जो कार्ययोजना का भेजा है उसमें पूरे गांव की सभी गलियों को यदि सीसीयुक्त कराया जाए तो कितनी धनराशि खर्च होगी इसका ब्योरा मांगा है। उन्होंने कहा कि आरईएस से इसका प्राक्कलन कराकर शीघ्र शासन को भेजेंगे। ताकि लोहिया गांव की सभी गलियां सीसीयुक्त बन सकें।